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गाजे-बाजे के साथ निकाली कलश यात्रा
भजन व जयकारों से गूंजा वातावरण, कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ महारुद्र यज्ञ
बाराबंकी। महारुद्र यज्ञ एवं महारुद्राभिषेक कार्यक्रम शुक्रवार को धूूमधाम से शुरू हुआ। दोपहर में गाजे-बाजे के साथ महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा के कार्यक्रम स्थल जीआईसी प्रांगण पहुंचने पर शिवलिंग का निर्माण कर महारुद्राभिषेक हुआ।
जय मातेश्वरी भक्त परिवार समिति जबलपुर की ओर से आयोजित महारुद्र यज्ञ कार्यक्रम में जीआईसी प्रांगण में सुबह पूजन अर्चन व पाठ हुआ। बारिश के चलते कलश यात्रा निर्धारित समय से विलंब से शुरू हुई। करीब तीन बजे पं. तरुण चौबे महाराज के सानिध्य में कलश यात्रा निकाली गई। गंगा व नर्मदा से लाए गए जल से कलश भरकर रक्तवर्ण व पीतवस्त्रों से सुसज्जित महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा निकाली। इस दौरान भजन व जयकारों से वातावरण गूंज उठा। कलश यात्रा निकलने वाले मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की। कलश यात्रा मेें भक्तों द्वारा लगाए गए जयकारों व भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा के कार्यक्रम स्थल जीआईसी प्रांगण पहुंचने पर ज्योति प्रज्जवलित की गई। पूजन-अर्चन के साथ ही महारुद्राभिषेक का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने गीली मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण किया और पं. तरुण चौबे महाराज ने महारुद्राभिषेक शुरू कराया। दूध, घी, शहद, चंदन, भस्म, घी, चंदन, बिल्वपत्र, कमल पुष्प, धतूरा, भांग, अबीर आदि से महारुद्राभिषेक कराया गया। इस दौरान मंत्रों से वातावरण गूंज उठा। अंत में महाआरती हुई और प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर बृजेश श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, हरिशंकर, हरिश्चंद्र आदि मौजूद रहे।