गर्मी में चढ़ रहे पारे से अलग-अलग स्थानों पर गेहूं के खेतों में आग लगने से करीब 40 बीघा फसल जलकर राख हो गई। जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते तब तक किसान बर्बाद हो चुके थे। सिद्धौर व सफदरगंज में सूचना के बाद दमकलकर्मी समय पर नहीं पहुंच सके। आग लगने की सूचना पर ग्रामीण बाल्टी लेकर खेतों की ओर दौड़ पड़े।
कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। सफदरगंज में सूचना पर मौेके पर पहुंचे लेखपाल ने फसल नुकसानी का आंकलन कर किसानों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।
सिद्धौर क्षेत्र के ग्राम रसूलाबाद भोरई गांव में आग से करीब 12 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। शुक्रवार की दोपहर रामेश्वर के गेहूं के खेत में आग लग गई जिससे रामेश्वर की तीन बीघा, रामसजीवन, त्रिभुवन, उमाशंकर, जयशंकर की दो-दो बीघा व मो. इस्माइल की एक बीघे फसल जल जलकर राख हो गई।
पूर्व प्रधान अशोक कुमार ने फायर बिग्रेड को सूचना दी। आग लगने की सूचना पर ग्रामीण आग बुझाने में लग गए। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। आग बुझा लेने के बाद दमकलकर्मी पहुंचे।
सफदरगंज थानाक्षेत्र के ग्राम चौखंडी गांव में शुक्रवार की दोपहर गेहूं के खेत में आग लगने से करीब 22 बीघा फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों की इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी और आसपास के खेतों की फसल को पानी से गीला करने में लग गए।
ग्रामीणों जब तक आग पर काबू पाते तब तक चौखंडी निवासी भवानी प्रसाद की 8 बीघा, रामलखन की 3 बीघा, इकरार की 6 बीघा व भूरे की 3 बीघा व कटी रखी दो बीघा गेंहू की फसल जलकर जलकर राख हो गई। दो घंटे बाद भी दमकल कर्मियों के न पहुंचने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
सूचना पर मौके पर पहुंचकर हलका लेखपाल साकेत रावत ने नुकसान का आंकलन कर किसानों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। बिशुनपुर प्रतिनिधि के अनुसार फतेहपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम होली तकिया मजरे बसारा निवासी दो सगे भाइयों अबरार व मंजूर पुत्र अकबाल खां के खेतों में आग लगने से करीब 8 बीघा जलकर राख हो गई। फतेहपुर तहसील की ओर से आ रही फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।