बाराबंकी। भीषण गर्मी के बीच शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लो-वोल्टेज, लगातार ट्रिपिंग और तकनीकी फाॅल्ट के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के दो अलग-अलग क्षेत्रों में हुए हादसों और फाॅल्ट के कारण करीब 360 गांवों की बत्ती गुल है, जिससे लगभग साढ़े पांच लाख की आबादी भीषण उमस और गर्मी में बेहाल है।
कोटवाधाम में ट्रक की टक्कर से खंभा टूटा, 60 गांव प्रभावित
कोटवाधाम क्षेत्र में मंगलवार देर शाम बालू से लदा एक ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खंभे का ऊपरी हिस्सा टूटकर गिर गया और हाईटेंशन तार आपस में चिपक गए। इसके चलते कोटवाधाम, तासीपुर, रानीकटरा, बिबियापुर, सरायरज्जन, गोपालपुर और सनावा सहित करीब 60 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी रात ठप रही। इस हादसे के कारण लगभग ढाई लाख लोगों को बिना बिजली के रात बितानी पड़ी।
जैदपुर में 33 केवी लाइन टूटी, 300 गांवों में ब्लैकआउट
दूसरी बड़ी लापरवाही बुधवार शाम जैदपुर बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत सामने आई। यहां मुख्य 33 केवी विद्युत लाइन में अचानक भीषण फाॅल्ट हुआ, जिससे तार टूटकर गिर गया। लाइन ब्रेकडाउन होने की वजह से जैदपुर कस्बा सहित आसपास के करीब 300 गांवों की आपूर्ति अचानक बंद हो गई। इस बत्ती गुल होने से करीब तीन लाख की आबादी प्रभावित हुई है।
मरम्मत कार्य जारी, आपूर्ति बहाल करने की कोशिश
अधीक्षण अभियंता भविष्य कुमार सक्सेना ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आया है और भी बेहतर बिजली आपूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। फाॅल्ट को नियंत्रित करने के लिए अनुरक्षण कार्य भी कराया जा रहा है। सभी अधिशासी अभियंताओं को दिन हो रात, फाॅल्ट को तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।