धान खरीद एक नवंबर से शुरू होनी थी लेकिन अवकाश की वजह से अब धान की खरीद बुधवार से की जाएगी। धान खरीद के लिए जिले भर में 33 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन सभी केंद्रों पर क्रय केंद्र प्रभारी पहले से ही तैनात कर दिए गए थे। धान की खरीद इलेक्ट्रॉनिक कांटों से की जाएगी। विभाग सभी क्रय केंद्रों पर इंतजाम पूरे होने का दावा कर रहा है।
शासन इस बार धान खरीद का लक्ष्य डेढ़ लाख एमटी निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विपणन शाखा ने जिले में 12, पीसीएफ ने 11, यूपी एग्रो ने 1, एनसीसीएफ ने 5, कर्मचारी कल्याण निगम 2 और भारतीय खाद्य निगम ने दो, इस प्रकार 33 धान खरीद केंद्र जिले भर में खोले गए हैं।
विपणन शाखा का दावा है कि सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, झलना, आदि की व्यवस्था कर दी गई है। जो कमियां रह गई हैं उन्हें दूर करने के निर्देश एक नवंबर से पहले करने के सभी केंद्र प्रभारियों को दिए गए थे।
निरीक्षण के दौरान कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हकीकत इससे इतर है। ज्यादातर क्रय केंद्रों पर सभी सुविधाओं की बात दूर किसानों के बैठने के इंतजाम तक नहीं होते हैं।
यहां तक ठंड में किसानों की रात ट्रॉली के नीचे गुजरती है। कई-कई दिनों तक किसानों को ट्रॉलियां लेकर क्रय केंद्रों पर खडे़ रहना पड़ता है। लेकिन विभाग इस सब से सबक नहीं ले रहा है, जिससे इस बार भी किसानों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ेगा।