इनमें 1118 शिक्षामित्र समायोजित होने के बाद एक साल से सहायक अध्यापक का वेतन भी पा रहे थे। 1983 शिक्षामित्रों का वेतन समायोजन होने के बाद सत्यापान के कारण रुका हुआ है। अदालत के कड़े फैसले के बाद बड़ेल में शनिवार देर शाम शिक्षामित्रों की एक बैठक हुई जिसमें विचार विमर्श के बाद आगे की रणनीति तय की गई।
लंबे संघर्ष के बाद जिले में 3101 शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के पद पर हुआ। गत वर्ष अगस्त माह में शुरू हुई समायोजन प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। पहले चरणे में 1118 शिक्षामित्रों का समायोजन करते हुए सहायक अध्यापक बनाया गया।
दूसरे चरण में गत मई माह में 1983 शिक्षामित्रों का समायोजन किया गया। शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से जिले के शिक्षामित्रों को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा नियमों में किया संशोधन असंवैधानिक है। बिना टीईटी पास किए किसी शिक्षामित्र का समायोजन करना गलत है।
अदालत के फैसले की जानकारी जैसी ही शिक्षामित्रों को हुई तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। आनन-फानन में बड़ेल स्थित प्राथमिक शिक्षामित्र संघ कार्यालय पर एक बैठक बुलाई गई जिसमें आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।