असोहना में मशीन से धान की कटाई कराता किसान। स्रोत- तहसील प्रशासन
बाराबंकी/फतेहपुर। धान की कटाई तेज होने के साथ ही पराली जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। इसमें फतेहपुर तहसील क्षेत्र के किसान सबसे आगे हैं। रामनगर व नवाबगंज तहसील क्षेत्रों में भी पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं। इसे लेकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विभागीय अफसरों को इस पर रोक लगाने व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अभियान चलाकर छह कंबाइन मशीनें सीज की गईं एवं 28 किसानों पर करीब पौने दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सेटेलाइट से हो रही पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के दौरान रविवार शाम कुल 19 मामलों की जानकारी कृषि विभाग को भेजी गई। इन प्रकरणों को मिलाकर अब तक कुल 31 मामले रिकॉर्ड हो गए। इनमें सबसे ज्यादा 28 मामले फतेहपुर तहसील क्षेत्र के सामने आए।
इसी तरह रामनगर और नवाबगंज के मामले भी दर्ज हुए। इनमें से दो मामले सीतापुर के भी शामिल हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार सुबह डीएम सत्येंद्र कुमार ने जूम मीटिंग कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद सीडीओ अ. सुदन, उपनिदेशक कृषि श्रवण कुमार, डीपीआरओ नीतेश भोंडेले ने ब्लॉक फतेहपुर पहुंचकर क्षेत्र के तमाम प्रधानों के साथ बैठक की।
सीडीओ ने प्रधानों व किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने को कहा। सीडीओ ने कहा कि आलू बोने की जल्दबाजी में किसान पराली जला रहे हैं। किसान अपनी पराली गोशालाओं में भी भेज सकते हैं। एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि किसानों को पराली जलाने पर जुर्माना भरना पड़ेगा।
इसके बाद एसडीएम व उपनिदेशक ने क्षेत्र के अलग-अलग गांवों का भ्रमण किया और 28 किसानों पर पराली जलाने के मामले में पौने दो लाख रुपये का जुर्माना ठोका। वहीं जांच के दौरान छह कंबाइन मशीनें सीज कर थाने के सुपुर्द की गईं। इनमें एसएमएस मशीन का प्रयोग नहीं हो रहा था। इस दौरान सीओ जगत कनौजिया, बीडीओ संतोष कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी राजितराम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।