बाराबंकी। लंपी वायरस का प्रकोप हर दिन तेजी के साथ बढ़ रहा है। विभाग की ओर से टीकाकरण किए जाने के बावजूद तमाम मवेशी इसकी चपेट में आ रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम छुट्टा मवेशी भी इस रोग का शिकार हैं। हालांकि पशुपालन विभाग की ओर से अब तक किसी मवेशी की मौत होने की पुष्टि नहीं की जा रही है।
जिले में 10 दिनों से लंपी वायरस का प्रकोप चल रहा है। अब तक लंपी से संक्रमित 259 मामले पशुपालन विभाग के पास दर्ज हो चुके हैं, लेकिन असल संख्या काफी अधिक है। लंपी वायरस से पीड़ित मवेशियों को अन्य पशुओं से दूर रखकर दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही मवेशियों के शरीर पर पड़ी गांठ को काटकर उसके नमूने आईवीआरआई बरेली भेजे जा रहे हैं।
इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर गठित टीमें गांव-गांव जाकर टीकाकरण कर रही हैं। अब तक करीब 83300 मवेशियों का टीकाकरण किया गया है। जो मवेशी वायरस से पीड़ित हैं, उन्हें कई-कई बार टीके लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा कंट्रोल रूम के जरिए प्राप्त होने वाली शिकायतों पर टीमें भेजी जा रही हैं। तमाम प्रयासों के बाद भी लंपी वायरस के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। सीवीओ डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि टीकाकरण के साथ पीड़ित मवेशियों का इलाज चल रहा है। अभी किसी मवेशी की मृत्यु लंपी से नहीं हुई है।