बाराबंकी। जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी अर्पित विजयवर्गीय द्वारा जुलाई माह में लागू की गई क्यूआर कोड आधारित गश्त व्यवस्था को पारदर्शी बनाया बल्कि अपराध के हॉटस्पॉट इलाकों की भी पहचान कर दी है। इस व्यवस्था के तहत 22 थाना क्षेत्रों में लगभग 1000 स्थानों पर क्यूआर कोड चस्पा किए गए हैं। गश्त के दौरान बीट पुलिसकर्मियों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निर्धारित स्थान के 500 मीटर दायरे में जाकर कोड स्कैन करना जरूरी है।
स्कैन करते ही नियंत्रण कक्ष को तीन प्रमुख सूचनाएं पुलिसकर्मी का मोबाइल नंबर, स्कैन का समय और लोकेशन स्वतः प्राप्त हो जाती हैं। व्यवस्था लागू होने के बाद एक विशेष सेल द्वारा पूरे जिले में गश्त व्यवस्था की समीक्षा की गई। 112 नंबर पर आने वाली चोरी, लूट और छीनेती से जुड़ी सूचनाओं को भी संकलित कर क्यूआर कोड वाले स्थानों से मिलान कराया गया। जांच में पाया गया कि जिले में करीब ढाई सौ स्थान ऐसे हैं, जहां लगातार आपराधिक घटनाओं की सूचनाएं मिलती हैं। इनमें कुछ थाना क्षेत्रों में 10 से 12 तो कहीं 14 तक ऐसे स्थान मिले जिन्हें अब ‘क्राइम हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि अब इन चिन्हित हॉटस्पॉट पर पुलिस की सक्रियता और बढ़ाई जाएगी। बीट पुलिसकर्मियों को नियमित गश्त के साथ इन संवेदनशील इलाकों में रात-दिन उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
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112 नंबर पर सूचना पर दर्ज हो रही रिपोर्ट
112 नंबर पर चोरी या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना आने पर पहले उसका स्थल पर सत्यापन कराया जाएगा और फिर आवश्यकतानुसार रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। यह व्यवस्था भी लागू है।
- अर्पित विजयवर्गीय, एसपी