बाराबंकी। लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग में सोमवार को अग्निकांड के बाद प्रशासन की नींद टूटी। पंजीकृत कोचिंग को नोटिस जारी कर डीआईओएस अपना बचाव करती नजर आईं। शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की जमीनी हकीकत खंगाली गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अधिकांश गली-मोहल्लों, बेसमेंट और संकरी दुकानों में धड़ल्ले से कोचिंग चल रही हैं।
डीआईओएस कार्यालय के मुताबिक, जिले में महज 17 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं, लेकिन हकीकत में इनकी संख्या 250 से भी अधिक है। सबसे भयावह बात यह है कि फायर ब्रिगेड से किसी भी कोचिंग को एनओसी जारी नहीं हुई है। क्षमता से अधिक बच्चों को ठूसकर मोटी फीस वसूली जा रही है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर इंतजाम शून्य हैं।