247 गांवों को जोड़ने के लिए
होगा 20 बसों का अनुबंध
क्रासर
-12 रूटों पर का चयन कर टेंडर की मांगी गई अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। जिले के परिवहन सेवा से असेवित गांवों का सर्वे कर बसों की उपलब्धता की मांग आरएम कार्यालय से की गई थी। लेकिन चयनित नई रूटों पर सेवा शुरु हो नहीं सकी है। इन रूटों पर आज भी यात्री डग्गामार वाहनों से जान जोखिम में डाल यात्रा करने को मजबूर हैं। आरएम कार्यालय को छूटे गांवों को सेवित करने के लिए 20 बसों के अनुबंधन की मांग की गई है। जल्द ही इसका लाभ लोगों को मिलने लगेगा।
जिले की 33 रूटों पर पड़ने वाले 1560 गांवों के लोगों को परिवहन विभाग बस सेवा उपलब्ध करा रहा है। रोजाना 123 बसों से करीब 30 हजार यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का लाभ मिल रहा है। योगी सरकार ने हर गांव को परिवहन सेवा से जोड़ने के लिए सर्वे कर बसों की संख्या शासन से मांगी थी। जिले के असेवित 247 गांवों को इस योजना से जोड़ने के लिए सर्वे कर 12 नई रूट चयनित किए गए थे। विभाग के अनुसार इसके लिए करीब 20 बसों की आवश्यकता पड़ेगी। रूट व उस पर पड़ने वाले गांव व बसों की संख्या आरएम कार्यालय को भेजा गया था। एक सप्ताह पूर्व एआरएम कार्यालय द्वारा बसों के अनुबंधन कराने को रिमाइंडर भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इसकी प्रक्रिया काफी तेजी से चल रही है जल्द ही बसों की उपलब्धता होते ही नए रूटों पर बसों का संचालन शुरु हो जाएगा।
वर्जन
शासन से परिवहन सेवा से असेवित गांवों का चयन कर बसों की उपलब्धता की सूची मांगी गई थी। ई-टेंडरिंग न होने से बसें नहीं मिल पा रही हैं जिससे नई रूटों पर संचालन नहीं हो पा रहा है।
- आरएस वर्मा, एआरएम