जच्चा-बच्चा की मौत, नर्सिंग होम में तोड़फोड़
फतेहपुर (बाराबंकी)। कस्बे के एक निजी नर्सिंग होम में एक लाख रुपये जमा कराने के बाद भी जच्चा व बच्चा की मौत हो गयी। इस घटना से आहत मृतका के परिवारीजन व ग्रामीणों ने नर्सिंग होम पहुंचकर तोड़फोड़ करने के साथ ही शव को रास्ते पर रखकर प्रदर्शन करना किया। परिवारीजनों का आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही के चलते दोनों की जान गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। मृतका के पति ने तहरीर पुलिस को दी है, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
कोतवाली फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम रनियामऊ, अल्लापुर निवासी सुशील कुमार मिश्रा का आरोप है कि उसकी पत्नी ममता देवी (25) को बीते रविवार की शाम करीब पांच बजे प्रसव पीड़ा हुई तो वह उसे लेकर नगर के चन्द्रा नर्सिंग होम पहुंच। जहां मौजूद चिकित्सक ने उसे एडमिट करते हुए जच्चा व बच्चा को सुरक्षित करने की गारंटी लेते हुए इलाज के नाम पर एक लाख रुपये जमा करवा लिये, सोमवार की सुबह जब पीड़ित की पत्नी ममता का प्रसव कराया गया तो उसे मृत बच्चा पैदा हुआ। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी भी मृत अवस्था में ही थी लेकिन चिकित्सक ने कहा कि इन्हें किसी दूसरी जगह लेकर जाओ, जिस पर पीड़ित अपनी पत्नी को लेकर बाराबंकी जा रहा था कि बिशुनपुर कस्बे के पास ही उसकी सांसे थम गयी। इस घटना से आहत परिजन व ग्रामीणों ने सोमवार शाम नर्सिंग होम पहुंचकर पहले तो तोड़फोड़ की और उसके बाद मृतका के शव को नर्सिंग होम के सामने रास्ते पर रखकर प्रदर्शन करने लगे, मामले की सूचना पर पहुंचे कोतवाल जितेन्द्र सिंह ने किसी तरह से आक्रोशित लोगों को शांत कराया और मृत बच्चे व प्रसूता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। इस संबंध में कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि जो तहरीर मिली है उसकी जांच की जा रही है, जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी।