बाराबंकी। अधिक फीस मामले की सीएम व डीएम से शिकायत करना एक अभिभावक को भारी पड़ गया। पहले तो उसके बच्चों को फीस के लिए धूप में खड़े होने की सजा दी गई। मगर, शुक्रवार को उसे परीक्षा में नही बैठने दिया गया। हालांकि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद एडीएम ने मामले का संज्ञान लिया। उसके बाद परीक्षा छूटने से एक घंटे पहले दोनो बच्चों को परीक्षा में शामिल किया गया।
मामला शहर कोतवाली के हैदरगढ़ रोड स्थित एमबी कॉलेज है। यहां पर बच्चों से अधिक फीस लेने की शिकायत अजय सिंह वर्मा व सुरेंद्र बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री के जनता दर्शन के साथ डीएम से की थी। सुरेंद्र का आरोप है कि अधिक फीस लेने के मामले की जांच डीआईओएस कर रहे थे। ऐसे में जांच पूरी न होने तक कालेज में फीस नहीं जमा की। जिस पर कालेज प्रशासन ने उनके बेटे साहिल व बेटी सोम्या को धूप में खड़ा कर दिया। जिस पर कालेज प्रशासन से बात की गई थी। उसके बाद शुक्रवार से शुरू हुई अद्धवार्षिक परीक्षा में उनके बच्चों को परीक्षा में शामिल नही होने दिया गया। जिस पर सुरेंद्र ने भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह से मिलकर मामले की शिकायत की। फिर एडीएम ने डीआईओएस से बात की। जिस पर कालेज प्रशासन ने बच्चों को परीक्षा छूटने से एक घंटे पहले परीक्षा में शामिल कराया। ऐसे में बच्चों ने बताया कि देर से परीक्षा देने में वह प्रश्नपत्र हल नही कर सके। इस संबंध में कालेज के प्रबंधक दिनेश सिंह ने बताया कि जुलाई माह से फीस न जमा होने पर छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोका गया था। मगर, डीआईओएस के फोन आने पर बच्चों को परीक्षा में शामिल कर लिया गया।