हातापुरवा में तेंदुए ने भैंस को बनाया निवाला
सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। दो शावकों के साथ घूम रहा तेंदुआ ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बन गया है। मंजीठा गांव में सियार को निवाला बनाने के बाद अब बृहस्पतिवार को तेंदुए ने हातापुरवा गांव में नहर किनारे बंधी भैंस को अपना शिकार बनाया। तेंदुए के हमले में भैंस मर गई। तेंदुए के लगातार मवेशियों पर हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने पगचिह्न लेने के साथ ही सभी को सतर्क रहने की अपील की है। अफसरों की मानें तो बीते 13 अगस्त को पकड़े गए नर तेंदुए की खोज में मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ जिले के कई स्थानों पर भटक रही है। एक जगह स्थिर न होने के कारण यह वन विभाग की पकड़ में नहीं आ रहे हैं।
बीते तीन माह से तेंदुए का कुनबा जिले में दहशत का पर्याय बना है। 13 अगस्त को बंद शुुगर मिल में पकड़े गए नर तेंदुए के बाद उसके दो शावक व एक मादा तेंदुआ उसे खोजने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर विचरण कर रहे हैं। बदोसरांय थाना क्षेत्र के ग्राम हातापुरवा निवासी सुशील वर्मा की भैंस नहर के किनारे बंधी थी। शुक्रवार भोर किसान भैंस बांधने के लिए गया तो देखा वह मृत पड़ी है और उसके शरीर के कई हिस्सों गहरे घाव थे। किसान ने तेंदुआ आने की जानकारी वन विभाग को दी। मौके पर वन क्षेत्राधिकारी राजेश यादव, वन दारोगा सुनील व वनरक्षक मिश्रीलाल, मिथेलेस, मुन्ना आदि के साथ पहुंच गए। मौके पर मिले पगचिह्न किसी अन्य जंगली जानवर के होने की बात कहते हुए लोगों को सतर्क रहने की बात कही है।
फड़ेरिया गांव में तेंदुए की दहशत
देवा (बाराबंकी)। देवा क्षेत्र के फड़ेरिया गांव में शुक्रवार को खेलावन के दो कुत्ते गांव के बाहर घायल मिले और एक कुत्ते का क्षत विक्षत शव पड़ा मिला। ग्रामीणों ने तेंदुए द्वारा कुत्तों का शिकार किए जाने का अंदेशा जताते हुए वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी अनुज सक्सेना ने बताया कि सूचना पर टीम के साथ जाकर कांबिंग कराई गई, कहीं पर तेंदुए के पगचिह्न नहीं मिले हैं। बंद शुगर मिल में नर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद एक सप्ताह बाद उसी मिल में गार्डों ने दो शावकों व मादा तेंदुआ को देखे जाने की जानकारी वन विभाग को दी थी। उसके बाद एफसीआई में मोर व बंदर के क्षत विक्षत शव व पगचिह्न में मिले थे। जेल कॉलोनी, बंकी, मोहम्मदपुर में भी तेंदुआ देखा गया। बंकी चौकी इंचार्ज द्वारा देेखे जाने की सूचना पर वन विभाग ने यकीन किया और पिंजरा रखना शुरू किया। उसके बाद तेंदुए का कुनबा ग्रीडगंज, बंधौली, हजरतपुर, कबीरपुर, करपिया होते हुए बांसा जा पहुंचा। गणेनशपुर होते हुए घाघरा नदी के किनारे पहुंच गया था। नर तेंदुआ न मिलने पर उसका कुनबा फिर विचरण तेज कर दिया है इस बीच कई मवेशियों का शिकार भी कर चुका है।
-
बदोसरांय में तेंदुए द्वारा भैंस पर हमला किए जाने की सूचना मिली है। कहीं स्थिर न होने से उसे पकड़ पाना मुश्किल हो रहा है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
- जावेद अख्तर, डीएफओ