बाराबंकी। बालिका से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने शुक्रवार को दोषी को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां के निवासी एक वादी ने पांच सितंबर 2019 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि तीन सितंबर 2019 को 12 वर्षीया पुत्री घर में अकेली थी। गांव के संत राम रावत और उसकी पत्नी ने पुत्री को बहलाकर कहीं भगवा दिया है।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के दौरान असौरी गांव निवासी सूरज पाल की संलिप्तता पाई और गिरफ्तार कर जेल भेजा। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि सूरजपाल ने उसे फोन कर कोठी बुलाया और हैदरगढ़ से लुधियाना ले गया और जबरदस्ती शादी की तथा उसके साथ दुष्कर्म किया।
बयान में यह भी बताया कि उसके बाबा दूसरे गांव में रहते थे और सौतेली मां पिता के साथ दूसरे गांव में रहते थे। वह बाबा के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। पीड़िता समेत गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रणविजय सिंह ने सूरजपाल को सजा सुनाई है।