श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में दस नाबालिगों को मुक्त कराते हुए उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। ऑपरेशन में मिले बच्चों को आयु परीक्षण के बाद बाल कल्याण समिति को सौंपते हुए इनके परिवारीजनों के साथ घर भेजा जाएगा।
बुधवार को ऑपरेशन मुस्कान के तहत श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के दशहराबाग में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान दशहराबाग स्थित संजय ऑटो मोबाइल्स समेत होटलों और वेल्ंिडग की दुकानों पर बच्चों से कार्य लिया जाता हुआ पाया गया।
बच्चों को श्रम से मुक्त कराते हुए दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है। श्रम विभाग ने मुक्त कराए गए बच्चों को आयु परीक्षण के लिए सीएमओ कार्यालय भेजा है।
इसके बाद इन्हें बाल कल्याण समिति के न्यायालय के सामने पेश कर इनके परिवारीजनों के सुपुर्द किया जाएगा। इस अभियान से पूरे दिन शहर में हड़कंप मचा रहा। इनमें अधिसंख्य बाल श्रमिक अन्य जिलों के बताए जा रहे हैं।
सर्व सुरक्षा फाउंडेशन की निदेशक कृति सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, नव ज्योति कॅरियर एकेडमी के साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी यशवंत कुमार, शरद कुमार, पवन शर्मा, कोतवाल धर्मेंद्र रघुवंशी, महिला एसओ शकुंतला उपाध्याय व अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।
रेस्क्यू किए गए बच्चों को पुनर्वास के लिए नया सवेरा के तहत श्रम विभाग द्वारा कई योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। बीएसए व डीआईओएस द्वारा इनको शिक्षा के लिए स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। साथ ही इनके माता-पिता को व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर चले बालश्रम के विरुद्ध अभियान में दस बच्चों का रेस्क्यू किया गया है। इनको आयु परीक्षण के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और इनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।