चार माह बाद मिले एंटी रैबीज के सिर्फ पांच सौ वॉयल
- पांच हजार वॉयल की भेजी गई थी डिमांड
- 17 सीएचसी समेत जिला अस्पताल में पहुंची एंटी रैबीज
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। कुत्ता, सियार, नेवला, लोमड़ी आदि जानवरों के काटने पर मरीजों को लगने वाला एंटी रैबीज इंजेक्शन का जिला मुख्यालय समेत सभी सीएचसी पर बीते कई माह से टोटा चल रहा था। मजबूरी में मरीजों को बाहर से खरीद कर इंजेक्शन लगाना पड़ रहा था। सीएमओ कार्यालय से भेजी गई डिमांड के सापेक्ष मात्र पांच सौ वॉयल की आपूर्ति हुई है। कंपनियों द्वारा भेजी गई मात्र पांच सौ वॉयल ऊंट के मुंह में जीरा जैसी कहावत साबित हो गई।
जिले की सभी 17 सीएचसी पर एंटी रैबीज की किल्लत करीब चार माह से हो रही थी। सीएमओ कार्यालय से एंटी रैबीज की आपूर्ति करने वाली कंपनी को पांच हजार वॉयल की डिमांड भेजी गई थी। जिसके सापेक्ष मात्र 500 वॉयल की आपूर्ति हुई है। सीएमएसडी स्टोर प्रभारी डॉ. जेता सिंह ने सीएचसी अधीक्षकों को आवश्यकता के हिसाब से वॉयल ले जाने को कहा है। सीएमओ द्वारा कंपनियों को जल्द ही शेष साढ़े चार हजार वॉयल की आपूर्ति किए जाने के संबंध में पत्र लिखा है। स्टोर प्रभारी डॉ. जेता सिंह का कहना है कि जो वॉयल मिली हैं उसका डोज कम कर दिया गया है। पहले एक वॉयल में पांच मरीजों को इंजेक्शन लगता था, अब दो मरीजों को ही इंजेक्शन लग सकेगा।
बॉक्स-
कुत्ता काटने से हो चुकी है किशोर की मौत
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के कस्बा बेलहरा निवासी राजा (12) को एक माह पूर्व पागल कुत्ते ने काट लिया था। परिवारीजन उसे लेकर सीएचसी सूरतंगज, फतेहपुर से लेकर जिला अस्पताल तक एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए भटकते रहे। कहीं पर भी इंजेक्शन न मिलने पर किशोर की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ ले जा रहे थे कि उसकी मौत हो गई थी।
वर्जन-
डिमांड के सापेक्ष एंटी रैबीज काफी कम मात्रा में मिली है। जिसको लेकर कंपनी को जल्द शेष वॉयलों की आपूर्ति के लिए रिमाइंडर भेजा गया है। जल्द ही आपूर्ति न हुई तो कंपनी के खिलाफ शासन को लिखा जाएगा।
- डॉ. रमेश चंद्र, सीएमओ