गले में रोटी फंसने से प्रसूता की सांसें थमीं
जैदपुर (बाराबंकी)। सीएचसी जैदपुर में लेटकर खाना खाते समय गले में रोटी फंसने से एक प्रसूता की मौत हो गई। चार घंटे पहले ही उसका नॉर्मल प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद से जच्चा-बच्चा स्वस्थ थे, ऐसे में अचानक प्रसूता की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिवारीजन शव लेकर घर चले गए।
जैदपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी बाबू की पत्नी रेखा (20) को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को सीएचसी जैदपुर में भर्ती कराया गया था। सुबह सवा नौ बजे रेखा ने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। दोपहर एक बजे सीएचसी में भोजन बांटा गया। रेखा को भी दाल-रोटी दी गई थी। रेखा की सास उसे देखने सीएचसी आई थी। रेखा बेड पर लेटकर ही दाल-रोटी खा रही थी। तभी अचानक गले में रोटी फंसने से रेखा तड़पने लगी। ये देखकर पास ही बैठी रेखा की सास भागकर ओपीडी में डॉक्टर को बुलाने चली गई। मगर डॉक्टर के आने से पहले ही रेखा ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत से सीएचसी में सभी लोग हैरत में पड़ गए। परिवारीजन अपनी लापरवाही से मौत होने का पछतावा करते हुए शव लेकर घर चले गए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. जाकिर हुसैन का कहना है कि, प्रसव के बाद जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ थे। सीएचसी में सादी अरहर की दाल व रोटी दी गई थी। लेटकर खाना खाते समय रोटी प्रसूता की सांस की नली में फंस गई थी। ऐसे में सांस नहीं ले पाने से उसकी मौत हो गई।