मोतियाबिंद के मरीज कई घंटे तक आंख में दवा डालकर भूखे-प्यासे बैठे रहे लेकिन निर्धारित समय पर उनकी आंखों का ऑपरेशन नहीं हो सका। दूर दराज के गांवों से सुबह बुलाए गए मरीजों को दोपहर बाद ऑपरेशन न होने पर अगली तिथि पर आने का फरमान सुना कर घर वापस भेज दिया गया।
नेत्र चिकित्सक अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि ओटी में बिना सूचना के अन्य मरीजों का ऑपरेशन होने से आंखों का इंफेक्शन होने के खतरे को देखते हुए मोतियाबिंद के मरीजों को वापस किया गया है।
शुक्रवार को कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर के लिए आंख की बीमारी से पीड़ित 18 मरीजों का पंजीकरण एक सप्ताह पहले किया गया था तथा इस दौरान कई बार केंद्र पर बुला कर दवा इलाज कर ऑपरेशन करने की तैयारी की जा रही थी।
निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंची बुजुर्ग महिलाए व पुरुषों का पंजीकरण कर उनकी आंखों में दवा डालकर ऑपरेशन के लिए इंतजार करने को कह कर ओटी के समीप बैठा दिया गया लेेकिन दोपहर बाद तक उनकी आंखों का ऑपरेशन नहीं किया जा सका है।
तहवापुर की बिटाना, लालपुर की पराना, गोतौना की रामलली, बबकरपुर की शांती देवी, किल्ला अंसारी के महादेव, मछिज्जर नेरथुआ की ज्ञानवती, शहापुर की राजलली, जमुनीपुर की छेदाना, सावित्री, नवापुरवा की सुखराना, नरौली रमाकंत, जासेपुर के रामलखन, देवगरपुर के राजनाथ, धौरहरा के राममिलन, ममरकापुर के सुभाष आदि ने कहा कि सुबह आंख में दवा डालकर ओटी के समीप बैठा दिया था।
करीब चार-पांच घंटे तक आंखें बंद रख कर इंतजार के बाद मरीजों को मुख्य भवन से बाहर गेट के समीप पुराने भवन के बरामदे में लाया गया। इन लोगों ने कहा कि नेत्र चिकित्सक ने आंख में डाली गई दवा पानी से धो कर ऑपरेशन के लिए अगली तिथि पर आने को कहा है।
ऑपरेशन न होने से पूरे दिन भूख-प्यास से परेशान मरीजों को काफी परेशानी हुई। इनमें से काफी गरीबी में जीवन यापन करने वाले मरीजों का शायद दोबारा चिकित्सालय तक पहुंच पाना भी संभव न हो।
इस बारे में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने आए नेत्र चिकित्सक अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीष चंद्रा ने कहा नेत्र ऑपरेशन के लिए बृहस्पतिवार को ओटी क्लीन कर सील की गई थी लेकिन सीएचसी पर तैनात सर्जन के ओटी में हार्निया व नसबंदी का ऑपरेशन करने के कारण आंख को लेकर जोखिम नहीं लिया जा सकता है।
उन्हाेंने कहा कि ऑपरेशन के बाद किसी प्रकार का इंफेक्शन होने से आंख की रोशनी तक जा सकती है। मरीजों की सुविधा व सुरक्षा के लिए अगले शिविर में बुलाया गया है। कहा कि पूरे मामले से सीएमओ को अवगत करा दिया गया जिस पर उनके द्वारा केंद्र अधीक्षक से जवाब तलब किया गया है।