जांच और इलाज के लिए लगी रही लंबी लाइन
- नंबर न आने पर कई मरीज बैरंग ही लौटे
- सोमवार को बिजली कटौती और बुधवार को अवकाश के कारण बढ़ गए मरीज
फोटो-20, 21, 22
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। बकरीद की छुट्टी और सोमवार को बिजली कटौती होने के कारण मंगलवार को अस्पताल में खचाखच मरीज भरे रहे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी अपनी बारी न आने पर कई मरीज बिना इलाज और जांच के लिए लौट गए। पर्चा बनवाने के लिए सुबह से ही मरीजों की लगी लंबी लाइन धीरे-धीरे बढ़ती रही जो गेट के बाहर तक आ पहुंची। मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सक भी हैरान रहे।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 22 सौ नए व आठ सौ पुराने मरीजों का पंजीकरण किया गया। एक सप्ताह पूर्व यह संख्या 16 से 18 सौ रहती थी। सोमवार को पूरे दिन बिजली कटौती रहने से आधे से ज्यादा मरीजों की जांच प्रभावित हुई थीं। इसके साथ बुधवार को बकरीद पर अस्पताल में अवकाश होने की वजह से मंगलवार को तीन हजार मरीज जिला अस्पताल आ पहुंचे। जिससे सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथालॉजी के बाहर लगी रही। घंटों लाइन में लगे रहने के बाद मरीजों ने इलाज व जांच कराया। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मोहित सिंह ने बताया कि भीड़ इतनी थी, कि रोजाना 70-75 अल्ट्रासाउंड होते थे वहां दो बजे तक 95 करने के बाद भी करीब 30 मरीज लौट गए। यही हाल एक्स-रे कक्ष का रहा। 40 से 45 एक्स-रे की क्षमता के बावजूद मिनी एक्स-रे मशीन समेत दो मशीनों से 141 जांच हुई और 28 पर्चे वापस करने पड़े। यही हाल पैथालॉजी में भी देखने को मिला। आर्थो फिजीशिएन डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि ओपीडी के दोनों ओर मरीज लाइन में खड़े रहे। 368 मरीजों को ही देखा गया बाकी को अगले कार्यदिवस में बुलाया गया है। दवा काउंटर पर दवाई लेने के मरीजों की आपस में नोक झोक तक हुई। मरीज अंकिता ने बताया कि वह पैर के दर्द का इलाज कराने आई थी। नंबर न आने पर लौटना पड़ा।
वर्जन-
दो दिन के मरीज एक दिन अस्पताल में आ जाने से मरीजों की संख्या करीब डेढ़ गुना तक पहुंच गई थी, जिससे काफी अव्यवस्था रही। फिलहाल किसी तरह कार्य किया गया।
- डॉ. एसके सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल