बाराबंकी। शहर के जीआईसी ऑडिटोरियम में रविवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर 161 जोेड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य विधिविधान से संपन्न कराया गया। साथ ही आठ मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। सभी जोड़ों को शादी का सामान भेंटस्वरूप दिया गया। साथ ही कन्याओं के खातों में 35 हजार रुपये की मदद दी गई।
जीआईसी ऑडिटोरियम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में एमएलसी अंगद सिंह ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार बेटियों के हित के लिए चिंतित है। धर्म व जाति के भेदभाव के बिना सभी वर्गों की गरीब बेटियों के हाथ पीले कराए जा रहे हैं। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि बेटी की शादी करने के लिए किसी गरीब को कर्ज न लेना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को योजना का लाभ दिलाया जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने कहा कि बेटियों का कन्यादान करना पुण्य का काम है और एक साथ इतनी बेटियों का विवाह होते देखना सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना दहेज जैसी कुप्रथाओं को दूर करने का काम कर रही है। इस योजना में एक तरफ जहां हिंदू बेटियों का विवाह हो रहा है, वहीं मुस्लिम बेटियों का निकाह भी कराया जा रहा है।
इस मौके पर कुल 169 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया और शादी का सामान देकर विदा किया। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह, पूर्व विधायक शरद अवस्थी, आशीष पाठक समेत संबंधित ब्लॉकों, निकायों के अधिकारियों की मौजूदगी रही।