आम लोगों संग मंत्री व विधायक ने भी किया योगाभ्यास
बाराबंकी। यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह ही था कि सूरज की पहली किरण निकलने से पहले ही ऑडिटोरियम से लेकर नगरपालिका का हाल शहरियों से भरा गया। योग प्रशिक्षकों की देखरेख में एक लाख से अधिक लोगों ने योग दिवस का जश्न प्राणायाम करते हुए मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक योग का जश्न दिखाई पड़ा। प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधि, मंत्री, डीएम व सीडीओ समेत अधिकारी, कर्मचारी, महिला, पुरुष व बच्चे भिन्न-भिन्न आसन करते दिखे।
प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को मान्यता दिलाई, इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। योग से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। निरोग रहने के लिए नियमित योग आवश्यक है। हिंद नर्सिंग कॉलेज में शिक्षकों व विद्यार्थियों ने योग किया। इससे पूर्व डॉ. ऋचा मिश्रा व प्राचार्य प्रो. जेवी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में नेहरू युवा केंद्र द्वारा ब्लॉक बंकी सभागार में मसौली, हरख, फतेहपुर, सूरतगंज से कार्यकर्ता व मंडल अध्यक्षों को पतंजलि योग समिति के योग प्रचारक राम आसरे ने अभ्यास कराया। फतेहपुर में बाबा मैरिज लॉन में योगाभ्यास में विधायक साकेंद्र वर्मा शामिल हुए। रामसनेहीघाट स्थित कृति पब्लिक स्कूल भगवानपुर में प्रधानाचार्या डॉ. फरजाना शकील अली ने बच्चों को योग को अपनी जीवनशैली में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
नियमित योग के लिए किया प्रेरित
नगर पालिका परिषद में पतंजलि योग समिति व अखिल गायत्री परिवार के संयुक्त तत्वावधान में योग शिविर लगा। सामूहिक प्रार्थना, मंत्र, जप व ध्यान आदि के साथ-साथ योगाभ्यास प्रमुख तीन चरणों के साथ संपन्न हुआ। साधकों के एक साथ योग से वातावरण योगमय हो गया। पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी रामस्वरूप यादव ने लोगों को कपालभांति, अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम व ध्यान आदि कराया। साथ ही लोगों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित भी किया गया।
जिला कारागार में कैदियों ने लगाया ध्यान
योग शिक्षक आरती शुक्ला ने पुरुष बंदियों व शीला कुमारी ने महिला बंदियों को योग व प्राणायाम के विभिन्न आसन कराए। 450 पुरुष बंदी व 50 महिला बंदियों ने अभ्यास किया और ध्यान लगाया। इसके अलावा विभिन्न आसनों से होने वाले लाभों के संबंध में जानकारी भी दी।