गुलाल, आतिशबाजी व जयकारों संग भक्तों ने दी विदाई
- बप्पा तू जल्दी आना....
- गाजे बाजे के साथ निकाली गई विसर्जन यात्रा
- जयकारों से गूंजा वातावरण, भजनों पर खूब थिरके श्रद्धालु
फोटो-19 से 30 तक
बाराबंकी। हवा में उड़ता गुलाल, चेहरों पर उत्साह और बप्पा के गीतों पर थिरकते कदम.. बुधवार को शहर की मुख्य सड़क पर ऐसा ही नजारा था। वहीं कल्याणी नदी के घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा। प्रतिमाएं मेटाडोर व छोटा हाथी गाड़ी से घाट तक आईं तो कहीं गोदी में सवार मंगल मूर्ति घाट की ओर बढ़ते दिखे। कल्याणी नदी के निर्मल जल में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान गणपति बप्पा मोरिया, अगली बरस तू जल्दी आना.. के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
शहर मेें बुधवार को निकाली गई विसर्जन यात्रा मेें भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। बैंडबाजे, भांगड़ा, वाद्ययंत्रों के बीच वाहनों पर सवार मंगल मूर्ति की विसर्जन यात्रा में जयकारे गूंजते रहे। सुबह कंकड़ेश्वर मंदिर, पंचमुखी महादेव मंदिर, संतोषी देवी माता मंदिर, रसूलपुर छोटी देवी माता मंदिर के पास सजी गणेश प्रतिमा की विधिवत पूजा अर्चना की गई। विसर्जन यात्रा घंटाघर, धनोखर चौराहा, नाका चौराहा होते हुए रवाना हुई। विसर्जन यात्रा में भक्तों ने खूब नृत्य किया। रसूलपुर में भी भक्ति की ऐसी धूम रही कि लोग खुद को रोक नहीं पाए और झूम उठे। इस दौरान भक्तों द्वारा लगाए जा रहे मंगल मूर्ति जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। विसर्जन यात्रा निकलने वाले मार्ग में श्रद्धालुओं की पुष्पवर्षा से वातावरण महक उठा। रास्ते में लोगों ने पटाखे भी दगाए और जयकारे लगाए। विसर्जन यात्रा कल्याणी नदी के तट पर पहुंची। कल्याणी नदी के घाट पर मेले जैसा नजारा रहा। गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन करते समय भक्त एकटक मंगल मूर्ति को देखते रहे और मंगल कामना की। गणपति बप्पा मोरिया, अगली बरस तू जल्दी आना.. जयकारों के साथ गणेश प्रतिमाओं का जल विसर्जन किया गया।
मसौली क्षेत्र के कपिल नगर में अलग अलग दो स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन पड़रिया पुल कल्याणी नदी में किया गया। गणेश प्रतिमाओं का सात दिन तक पूजा अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने रंग गुलाल उड़ाते हुए जयकारे लगाए।