हैदरगढ़ (बाराबंकी)। कबूलपुर मजरे बहुता गांव में शुक्रवार को डायरिया की चपेट में आकर करीब पचास लोग बीमार हो गए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। सूचना के बाद भी डॉक्टरों के न पहुंचने पर पीड़ित निजी चिकित्सकों से उपचार कराने को मजबूर हैं। बतातें चले कि एक दिन पहले डायरिया की चपेट में आने से एक दो वर्षीय बालक की मौत होने की सूचना पर गांव तक कोई चिकित्साकर्मी नहीं पहुंचा है।
बारिश में गर्मी व उमस के चलते गांवों में संक्रामक बीमारी पांव पसार रही है और सूचना के बाद भी स्वास्थ्य कर्मी गांव तक नहीं पहुंच रहे है। विकास खंड त्रिवेदीगंज के सहावर और बस्तीगंज के बाद अब कबूलपुर मजरे बहुता गांव के करीब पंद्रह परिवारों के करीब पचास से ज्यादा लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। शुक्रवार को सुखराम (50) व कांती (13) को परिजन इलाज के लिए सीएचसी हैदरगढ़ लेकर आए थे जहां से गंभीर अवस्था में जिला हास्पिटल रेफर किया गया है। वहीं गांव में रामधनी (6) , अंकित (1) , सुनीत (6) , सीमा (4) , सरजू प्रसाद (7) , रीता (30) , रामबाबू (3) , जगपता (40) , कामता (7) , अंकिता (6) , मालती (12) , लक्ष्मी (2), राधिका (2) , पूजा (5) , रीना (6) , श्यामू (5) , शिवकुमारी (35) व धनीराम (3) समेत करीब पचास लोग डायरिया से पीड़ित होकर गांव में निजी डॉक्टर से इलाज करा रहे है। गांव के मुन्ना सिंह ने कहा कई दिनों तक उल्टी दस्त से पीड़ित होने पर राजेश के दो वर्षीय पुत्र सचिन की बुधवार की रात को मौत हो गई थी। गांव में डायरिया होने की सूचना त्रिवेदीगंज सीएसचसी पर कई बार दी गई लेकिन वहां से कोई चिकित्सक गांव नहीं पहुंचा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकुंद पटेल ने कहा कबूलपुर में डायरिया होने की सूचना नहीं मिली है जानकारी करके स्वास्थ्य टीम गांव को भेजी जाएगी। त्रिवेदीगंज के सहावर के बस्तीगंज गांव में डायरिया का प्रकोप अभी थमा नहीं है। लगातार दूसरे दिन सीएचसी के डाक्टरों ने गांव में जाकर मरीजों को दवाएं दी है।