तुरकौली घाट सेतु निर्माण पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप, 36 गांवों की अनदेखी कर चार गांवों के लिए बन रहा पुल
डीएम से की शिकायत, प्रस्तावित स्थल से 9 किमी हो रहा निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
बेलहरा (बाराबंकी)। 36 गांवो के हजारों लोगों की अनदेखी कर जिम्मेदार अधिकारियों ने मात्र चार गांवों के लिए पुल का निर्माण शुरू करा दिया। बेलहरा क्षेत्र स्थित सैलक जलालपुर के पास बन रहे पुल बन रहा है। बताते हैं कि प्रस्तावित स्थल पर यदि पुल बनता तो बहराइच के लिए सीधा एवं सुगम नया रास्ता राहगीरों के लिए सौगात के रूप में मिलता। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएम व सीएम से की है।
चौका नदी पर तुरकौली घाट पर बरसात के दिनों पर होने वाले जलभराव से निजात दिलाए जाने के लिए पूर्व सरकार में तीन जून वर्ष 2016 को करीब तीन करोड़ की लागत से सेतु बनाए जाने का प्रस्ताव हुआ था। राज्य सड़क निधि से सेतु निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग के खंड-तीन द्वारा कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता के कहने पर इस पुल को तुरकौली के बजाए सैलक जलालपुर के पास बनवाया जा रहा है। नदी के तुरकौली घाट के पास पुल का निर्माण 9 किलोमीटर दूर बनाया जाए तो उसके आस पास तीन दर्जन से अधिक गांव के लोगों को लाभ मिलता एवं साथ में बहराइच के लिए सीधा रास्ता भी हो जाता। जानकारी होने पर ग्रामीण आनंद सिंह, भानू, विनय कुमार, शारदा सिंह, पुत्ती निषाद, राहुल आदि ने इस संबंध में जेई सुनील कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह पुल यहां बन जाने दो, दूसरा पुल आप लोगों के गांव में बना देंगे। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री से कर पुल को सही जगह पर बनाए जाने की मांग की है।
वर्जन-
ग्रामीण झूठा आरोप लगा रहे हैं। शासनादेश में जिस स्थान पर पुल बनाए जाने का आदेश है वहीं पर बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को शासनादेश व ड्राइंग देखने के लिए कार्यालय बुलाया गया है।
-एसए उस्मानी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग खंड-तीन