घाघरा की कटान में रोज समा रही दो एकड़ जमीन
बाराबंकी। घाघरा नदी में कई दिन से हो रही कटान का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। तेजी से हो रही कटान से रोज दो एकड़ से अधिक जमीन नदी में समा रही है। इसमें किसानों की गन्ने व धान की फसल को भी नुकसान हो रहा है किंतु प्रशासन कटान रोकने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। इससे किसान खासे परेशान हैं।
घाघरा नदी में घटते पानी ने कटान की स्थिति को भयावह बना दिया है। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के तेलवारी व करोनी गांव के पास बीते कई दिन से काफी तेजी से हो रही कटान ने शुक्रवार से अपना दायरा और बढ़ा लिया है।
शनिवार को ये कटान गोबरहा गांव के सामने व इटहुआ पूरब, रामपुर हड़हा में भी शुरू हो गई। गोबरहा से लेकर रामपुर हड़ाहा तक करीब दो किलोमीटर तक कटान हो रही है। इससे इन गांवों की करीब दो एकड़ भूमि नदी के कटान में समा गई है।
नदी की इस कटान में जो भूमि कट रही है उसमें अधिकांश पर गन्ने की फसल लगी है। फसल में कटान के साथ इटहुआ पूरब तेलवारी व करोनी के छह से अधिक घर भी कटान के मुहाने पर आ गए हैं।
पीड़ित किसान शिवकुमार सिंह, कल्लू सिंह, महेंद्र सिंह, अशर्फी व शिव प्रताप ने बताया कि नदी की कटान की स्थिति देखकर इस बात की चिंता बढ़ गई है कि घर परिवार का गुजारा कैसे होगा।
पीड़ित किसानों ने बताया कि, प्रशासन से कटान रोकने के लिए एक वर्ष पूर्व से ही गुहार लगाई जा रही है किंतु कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इस बाबत एसडीएम सिरौलीगौसपुर का कहना है कि, घाघरा नदी का पानी जिन गांवों के निकट कटान कर रहा है वहां होने वाले फसल के नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।