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19 पेट्रोल पंपों पर गिरेगी लाईसेंस निरस्तीकरण की गाज

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19 पेट्रोल पंपों का निरस्त होगा लाइसेंस
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जांच में पल्सर कार्डों से छेड़छाड़ की पुष्टि, चार कंपनियों की 35 मशीनें हुई थीं सीज
अब तक जिले में हो चुकी 117 पेट्रोल पंपों की जांच
अरुण पाठक
बाराबंकी। जिले के 19 पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन पेट्रोल पंपों पर लगी मशीनों में लगाए गए पल्सर कार्डों से छेड़छाड़ किए जाने की पुष्टि हो गई है। डीएसओ ने इन पेट्रोल पंप संचालकों को खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पूरी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी की ओर से गठित की गई टीम ने अब तक 117 पेट्रोल पंपों की जांच की है। इनमें से 19 पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई होना तय हो गया है। इनमें से इंडियन ऑयल कंपनी के 12, भारत पेट्रोलियम का एक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के पांच और एस्सार कंपनी का एक पेट्रोल पंप शामिल है। इन पेट्रोल पंपों पर लगी 35 मशीनों में लगाए गए पल्सर कार्ड से छेड़छाड़ का मामला जांच में पाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इन पल्सर कार्डों में चिप लगाकर तेल की बिक्री की गई है। छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आने के बाद इंडियन ऑयल कंपनी की 22, भारत पेट्रोलियम की 3, हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 9 और एस्सार की एक मशीन को सीज किया गया है। छापेमारी के दौरान इन मशीनों में लगाए गए पल्सर कार्डों को निकालकर जांच के लिए भेजा गया था जिसकी जांच रिपोर्ट आपूर्ति विभाग को उपलब्ध हो गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है।
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इन पेट्रोल पंपों पर होगी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट आने से पहले ही सतरिख नाका स्थित नंदलाल वेदप्रकाश पेट्रोल पंप को सीज किया जा चुका है। इसके अलावा श्रीवास्तव फिलिंग सेंटर, सिंह ट्रेडर्स, अंबा जी फिलिंग सेंटर, विक्रम ट्रेडर्स और पवार फिलिंग सेंटर समेत 19 पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अब तक 117 पेट्रोल पंपों की जांच की गई है। जिनमें से 19 पेट्रोल पंपों पर लगी मशीनों के पल्सर कार्ड से छेड़छाड़ किए जाने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हो गई है। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पूरी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई हैं।
- संतोष विक्रम शाही, जिला आपूर्ति अधिकारी
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