फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि उपकरण के लिए मोबाइल मैसेज से मिलेगी सूचना

विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि उपकरण खरीद की एसएमएस से मिलेगी सूचना
विज्ञापन

- स्वीकृति के बाद कृषि यंत्रों की खरीद पर ही मिलेगा अनुदान
- पंजीकरण के साथ लॉक होगी सूचना, नहीं होगा कोई बदलाव
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। पंजीकरण कराने के बाद कृषि यंत्र के लिए किसानों को अब विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कृषि यंत्र की खरीद व अनुदान में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने नया शासनादेश जारी किया है। जिसमें किसानों के चयन से लेकर खाते में अनुदान पहुंचने तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों को पहले अपना पंजीकरण कराना होगा। मोबाइल पर संबंधित कृषि उपकरण के चयन का एसएमएस आएगा। इसके बाद उप कृषि निदेशक संबंधित किसान का स्वीकृति पत्र ऑनलाइन जारी करेंगे। जिसके 30 दिन के अंदर किसान को कृषि यंत्र खरीदना होगा। कृषि उपकरण की खरीद के बाद किसानों को प्रारूप-3 पर मांगी गई सूचना व कृषि यंत्र खरीद की रसीद संलग्न कर उप कृषि निदेशक के कार्यालय में जमा करनी होगी। जिसे दोबारा पोर्टल पर उप कृषि निदेशक ऑनलाइन करेंगे।
विज्ञापन

10 हजार रुपये से कम के कृषि यंत्र का सत्यापन ग्रुप-3 के प्राविधिक सहायक व एडीओ एग्रीकल्चर करेंगे। वहीं, 10 हजार से महंगे कृषि यंत्रों का सत्यापन उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी व जिला कृषि रक्षा अधिकारी करेंगे। सत्यापन करने वाले अधिकारी मौके पर जाकर कृषि यंत्र की फोटो करेंगे। इस फोटो को भी ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। अगर चयनित किसान कृषि यंत्र खरीदने के इच्छुक नहीं हैं तो उनके स्थान पर वेटिंग सूची से किसानों का चयन होगा। किसानों को मिलने वाले कृषि यंत्रों का लक्ष्य ब्लॉक वार तय होगा। इसकी जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक को सौंपी गई है। जिसका आवंटन उप कृषि निदेशक आवश्यकतानुसार कर सकेंगे।
विज्ञापन

बाक्स
पंजीकरण का लॉक होगा व्यौरा
उप कृृषि निदेशक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि, जिन किसानों का विभाग में पंजीकरण है उन्हें आधार से जोड़ने का काम इन दिनों किया जा रहा है। वहीं, नए पंजीकरण बिना आधार कार्ड के नहीं किए जा रहे हैं। किसानों को रकबा व खाता नंबर आदि संशोधित कराने की विभाग द्वारा सूचना दी गई है। जिसे पूरा करने के बाद किसानों के अभिलेखों की जांच कर उसे लॉक किया जाएगा। ऐसे में पोर्टल पर कोई संशोधन नहीं हो सकेगा। किसानों को बीज क्रय करने के समय ही आधार से जोड़ने का काम भी इन दिनों किया जा रहा है। जिससे की उनके खाते में अनुदान की राशि भेजी जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें