नई-नई तकनीक से परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यालय को लकदक कर सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान प्रत्येक ब्लॉक के पांच-पांच शिक्षकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा दिया जाएगा ताकि अन्य शिक्षक इससे प्रेरणा ले सकें।
जिले के कुछ परिषदीय विद्यालय भी मांटेसरी विद्यालयों को टक्कर दे रहे हैं। इनमें नौनिहालों की शैक्षिक गुणवत्ता में इस कदर सुधार हुआ कि बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी तक पढ़ते हैं। इतना ही नहीं विद्यालयों में समय-समय पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों व प्रतियोगिताओं में बच्चे अपने हुनर व काबिलियत का लोहा मनवा रहे हैं।
इन विद्यालयों में तैनात शिक्षक बच्चों के भविष्य के साथ विद्यालयों के रहन-सहन को बेहतर करने में तत्परता से काम कर रहे हैं। इस तरह के अच्छे कार्य करने वाले शिक्षकों से अन्य शिक्षक प्रेरणा लें, इसलिए इन शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गनेशपुर के प्राचार्य राजकुमार नेे सभी बीईओ से अच्छा कार्य करने वाले पांच-पांच शिक्षकों की सूची मांगी है। सूची मिलने के बाद शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को दिए गए विभिन्न प्रशिक्षण की समीक्षा डायट प्राचार्य ने की। डीआईओएस कार्यालय में बुधवार को इस समीक्षा बैठक में बीईओ व एबीआरसी शामिल हुए। डायट प्राचार्य राजकुमार ने सेवारत प्रशिक्षण, ग्रेडेड लर्निंग, लर्निंग आउटकम व शैक्षिक नवाचार के बारे में समीक्षा की।
उन्होंने ब्लॉक स्तर पर एक प्रशिक्षण पंजिका बनाने के निर्देश बीईओ को दिए। साथ ही आगामी प्रशिक्षण की रणनीति के साथ पठन-पाठन पर भी चर्चा की। इस दौरान उपस्थित न होने वाले बीईओ को भी उपस्थित होने के निर्देश दिए। बीईओ से मांगी गई सूचना आधी-अधूरी होने पर डायट प्राचार्य ने नाराजगी जताई तो बिंदुवार सूचना जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।