परिषदीय विद्यालयों के एमडीएम के लिए शासन से मिली करीब सवा चार करोड़ रुपये की धनराशि जिम्मेदार निजी खातों में भेज कर डकार गए। विद्यालयों के खातों में भेजी जाने वाली यह धनराशि अभिलेखों में हेराफेरी कर निजी खातों में जिम्मेदारो ने भेज ली और इसकी भनक तक किसी को नहीं लगने दी। यह हेराफेरी बीएसए की जांच में पकड़ में आ गई।
शनिवार को बीएसए की तहरीर पर मध्याह्न भोजन के जिला समन्वयक, कम्प्यूटर ऑपरेटर समेत चार के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। बीएसए वीपी सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि मध्याह्न भोजन के तहत परिवर्तन लागत मद में भेजी जाने वाली रकम शासन ने अनुदान संख्या 71 से 83 के तहत कोषागार को उपलब्ध कराई थी।
विद्यालयों को परिवर्तन लागत के हिसाब से यह रकम बीईओ की मांग के अनुसार विद्यालयों के मध्याह्न भोजन खातों में भेजी जानी थी। मगर, मध्याह्न भोजन के जिला समन्वयक राजीव शर्मा, उनके सहयोगी रहीमुद्दीन गिरोह बनाकर अभिलेखों में हेराफेरी कर निजी खातों में अलग-अलग तिथियों में इस धनराशि को भेजकर डकार गए।
इसमें पीएनबी बाराबंकी स्थित रहीमुद्दीन के खाते में तीन करोड़, 37लाख 73 हजार सात सौ उन्तालीस रुपये, पीएनबी लखनऊ स्थित साधना पुत्री कन्हैया लाल के खाते में 41 लाख 22 हजार आठ सौ उन्नतीस रुपये तथा रोजी के खाते में 43 लाख 94 हजार चार सौ छह रुपये की धनराशि भेजे जाने का बैंक स्टेटमेंट भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए।
नगर कोतवाली पुलिस ने इसके आधार पर एमडीएम के जिला समन्वयक राजीव शर्मा, सहयोगी रहीमुद्दीन, साधना व रोजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। हालांकि बीएसए ने इसके अतिरिक्त और धनराशि भी अन्य खातों में भेजकर डकारने की आशंका जताई है।
बीएसए ने एमडीएम घोटाले की आशंका को लेकर डेढ़ माह पहले ही बीईओ के माध्यम से विद्यालयों के मध्याह्न भोजन के बैंक खाते की अपडेट पासबुक की छाया प्रति मंगवाकर उसकी जांच कराई। इसके बाद शासन से मिली धनराशि से मिलान कराने में हेराफेरी की बात सामने आई थी।
इसको लेकर जब बीएसए ने ट्रेजरी के माध्यम से शासन से मिली धनराशि की जांच कराई तो मामला पकड़ में आ गया। एमडीएम में करीब सवा चार करोड़ रुपये की धनराशि निजी खातों में भेजकर हेराफेरी करने की सूचना बीएसए ने शनिवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा, निदेशक मध्याह्न भोजन निदेशक बेसिक शिक्षा, डीएम, एसपी, सीडीओ व सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक अयोध्या मंडल को भेज दी है।
बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि मध्याह्न भोजन की धनराशि विद्यालयों के खातों के बजाय निजी खातों में भेजकर करीब सवा चार करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है। यह कार्य एमडीएम के जिला समन्वयक समेत संगठित गिरोह द्वारा किए जाने की तहरीर नगर कोतवाली में देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की जांच होने पर अभी अन्य खातों में भेजी गई धनराशि का खुलासा होगा।
नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक धनंज्जय सिंह ने बताया कि बीएसए की तहरीर पर एमडीएम की करोड़ों की धनराशि की हेराफेरी करने के आरोप में एमडीएम के जिला समन्वयक समेत चार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।