बाढ़ से 50 हजार लोग घर छोड़ने को मजबूर
बाराबंकी। नेपाल के बैराज से लगातार बारिश का पानी छोड़ने के चलते जिले के तराई इलाके में घाघरा ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। दर्जन भर से अधिक गांवों की करीब 50 हजार आबादी घर छोड़ने को मजबूर हो गई है।
नेपाल से दो दिन में साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ जाने के बाद गांवों में पानी पहुंचने से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।
वहीं, डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने सोमवार को सूरतगंज क्षेत्र के हेतमापुर व कंचनापुर में बाढ़ का जायजा लेकर मातहतों को पीड़ितों की हर संभव मदद के आदेश दिए हैं।
घाघरा नदी में नेपाल ने दो दिन के अंदर साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया है। इससे तराई के हालात बिगड़ने लगे हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
नदी का पानी प्रतिघंटा दो सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे तराई के हालात अभी और बिगड़ सकते हैं। नदी का पानी एक दर्जन से ज्यादा गांवों में पहुंचने से बाढ़ पीड़ित परिवारों ने मवेशियों के साथ तटबंध के लिए पलायन शुरू कर दिया है।
पीड़ितों को प्रशासन से अपेक्षित मदद नहीं मिल पा रही है। पीड़ित अपने संसाधनों से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
नदी के तेवर देखते हुए प्रशासनिक अमला भी है और प्रभावित क्षेत्र के एसडीएम को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं।
डीएम ने सोमवार को सूरतगंज क्षेत्र के हेतमापुर में बाढ़ का जायजा लिया। वह कंचनापुर जाना चाहते थे लेकिन गांव में पानी भरा होने की वजह से वहां तक नहीं पहुंच सके। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए।
एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि, नेपाल के बैराज से दो दिन में करीब साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे तराई के एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रभावित क्षेत्र के एसडीएम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। राजस्व निरीक्षकों को भी पीड़ितों की मदद में लगाया गया है।
तराई क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका से विद्यालयों में पानी भरने व नौनिहालों को आने-जाने में हो रही दिक्कत के मद्देनजर मंगलवार बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के 20 विद्यालय बंद रहेंगे।
सोमवार को डीएम उदयभानु त्रिपाठी के निर्देश पर बीएसए विनय कुमार ने सूरतगंज, पूरेडलई, सिरौलीगौसपुर व दरियाबाद ब्लॉक के विद्यालयों को बंद करने का आदेश जारी किया है। वहीं, बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के अलावा अन्य विद्यालयों के बंद होने पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।