रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। कोतवाली क्षेत्र रामसनेहीघाट में खुद को आईजी बताकर सिपाही की नौकरी लगवाने के नाम पर एक पुलिसकर्मी द्वारा 13 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी अंबेडकरनगर में वायरलेस विंग से सेवानिवृत्त हो चुका है।
रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के पूरे अहिरन मजरे सकौली निवासी कामता प्रसाद यादव ने एसपी से शिकायत कर बताया कि 10 जुलाई 2019 को जहरी का पुरवा मजरे सनौली निवासी रिश्तेदार रामकुमार ने घर आकर पुलिस में नौकरी लगवा देने की बात कही थी।
उसके साथ में पुलिस की गाड़ी से आए कमाल अशरफ ने खुद को पुलिस विभाग में लखनऊ का आईजी बताया था। 13 लाख रुपये देने पर कामता के पुत्र पवन कुमार को सिपाही की नौकरी लगवा देने की बात कही थी।
कामता के अनुसार उन्होंने 27 दिसंबर 2019, नौ जनवरी 2020, 20 फरवरी 2020 को चेक के माध्यम से रकम दी थी। 20 अगस्त 2019 को कलाम अशरफ ने पत्नी जैसमीन के खाते में तीन लाख रुपये डलवाए और रामकुमार के साथ घर आकर चार लाख नकद ले लिए।
इसके बाद पवन कुमार व राजकुमार को लखनऊ ले गए व नौकरी का जॉइनिंग लेटर दिया। कहा कि एक महीने बाद पुलिस प्रशिक्षण की सूचना आ जाएगी। बाद में जॉइनिंग लेटर फर्जी निकला। इस पर कमाल ने फिर लखनऊ बुलाया व दूसरा लेटर जारी होने की बात कही। रामसनेहीघाट के कोतवाल ओपी तिवारी ने बताया कि आरोपी अंबेडकरनगर में वायरलेस विंग से सेवानिवृत्त है, मामले में जांच की जा रही है।