बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में परिषदीय स्कूलों की सूरत बदलने की प्रशासनिक कवायद के बीच एक बड़ी चुनौती सामने आई है। जिले में पिछले पांच वर्षों (2021 से 2026) के दौरान कड़े सुरक्षा मानकों के तहत 277 जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त तो कर दिया गया, लेकिन इनमें से 127 स्कूलों को आज तक अपना भवन नसीब नहीं हुआ है।
ये स्कूल वर्तमान में परिसर में बने अतिरिक्त कमरों और बरामदों में किसी तरह संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिन 277 जर्जर भवनों को गिराया गया था, उनमें वर्ष 1991 और 2001-02 में बने पुराने गुंबदनुमा स्कूल भी शामिल थे।
ध्वस्तीकरण अभियान के बाद 150 स्कूलों को तो नए भवन मिल गए, जहां नियमित कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। मगर, शेष 127 स्कूलों के बच्चे पिछले कई सालों से बुनियादी ढांचे के अभाव से जूझ रहे हैं।
सबसे बदतर स्थिति सूरतगंज ब्लॉक की
बेसिक शिक्षा विभाग ने बिना मुख्य भवन के चल रहे इन 127 स्कूलों में से 119 स्कूलों के नए भवन निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। विभाग को अब शासन से हरी झंडी और बजट जारी होने का इंतजार है। प्रस्ताव में जिले के विभिन्न ब्लॉकों के स्कूल शामिल हैं, जिनमें सबसे बदतर स्थिति सूरतगंज ब्लॉक की है, जहां सबसे ज्यादा 23 स्कूलों के भवन बनने शेष हैं।
यू-डायस पोर्टल की शर्तों में फंसा पेंच
इस बार शासन स्तर से बजट जारी होने के नियम काफी कड़े कर दिए गए हैं, जिसके कारण निर्माण कार्य अधर में लटका है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक बजट केवल यू-डायस पोर्टल पर दर्ज छात्र संख्या के भौतिक सत्यापन के आधार पर ही जारी होगा। यदि किसी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 40 से 50 के निर्धारित सरकारी मानक से कम पाई जाती है, तो वहां नए भवन के लिए बजट जारी नहीं किया जाएगा।
ब्लॉकवार स्थिति:
सूरतगंज: 23 स्कूल
दरियाबाद व हैदरगढ़: 13-13 स्कूल
मसौली व सिद्धौर: 11-11 स्कूल
देवा: 8 स्कूल
बनीकोडर: 7 स्कूल
पूरे डलई, सिरौली गौसपुर व त्रिवेदीगंज: 6-6 स्कूल
निंदूरा: 5 स्कूल
रामनगर: 4 स्कूल
फतेहपुर: 3 स्कूल
बंकी: 2 स्कूल
हरख: 1 स्कूल
वर्जन
बजट आवंटित होते ही निर्माण कार्य होगा
बीते पांच वर्षों में जर्जर हो चुके 277 भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद 150 स्कूलों में नए भवन बनाए जा चुके हैं। बाकी बचे 127 में से 119 स्कूलों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन के निर्देशानुसार यू-डायस पोर्टल पर दर्ज छात्र संख्या के सत्यापन के बाद बजट आवंटित होते ही निर्माण कार्य तुरंत शुरू करा दिया जाएगा।
- विश्वजीत राय, एई (समग्र शिक्षा), बेसिक शिक्षा विभाग, बाराबंकी