बाराबंकी। तेजी से बदल रहे मौसम व इन्फ्लूएंजा के नए वैरियंट एच3एन2 के आने के बाद से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल में बुखार, जुकाम व इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले मरीजों की भरमार है। ऐसे करीब सवा सौ मरीज बुधवार को पहुंचे। यहीं नहीं, सीएचसी पीएचसी पर भी आने वाले मरीजों में 25 से 30 प्रतिशत मरीज जुकाम बुखार आदि के ही हैं। जिला अस्पताल में इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले करीब 125 मरीज बुधवार को आए।
जिला अस्पताल में इसे लेकर आठ बेड का वार्ड बनाकर तीन डाक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई है। शहर से लेकर गांव गांव में भी बुखार से लोग पीड़ित है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना डेढ़ हजार से अधिक लोग आ रहे हैं मगर इनमें 110 से 130 मरीज बुखार के होते हैं। इसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में आठ बेड का इन्फ्लूएंजा वार्ड बना दिया है। आठ-आठ घंटे के लिए तीन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। बुधवार को अस्पताल में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक के लिए मारामारी मची थी। इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले करीब 125 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक व वरिष्ट फीजिशियन डॉ. राजेश कुशवाहा ने ही 75 से अधिक मरीजों को परामर्श देते हुए दवाएं दी। मरीजों को मास्क लगाने के लिए कहा जा रहा है। जिला अस्पताल में जांच की सुविधा का दावा किया जा रहा है मगर अभी तक कोई नमूना नहीं लिया गया है। सीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि नए वैरियंटको लेकर विभाग सतर्क है। सीएचसी-पीएचसी पर 25 से 30 फीसदी मरीज जुकाम व बुखार के ही हैं। हालांकि घबराने वाली कोई बात नहीं है।