बाराबंकी। क्षय रोग (टीबी) मुक्त भारत अभियान के तहत जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की 122 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इन पंचायतों को उनकी इस उपलब्धि के लिए तीन श्रेणियों में राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। पांच ग्राम पंचायतों को गोल्ड मेडल भी मिलेगा। गोल्ड मेडल के लिए चयनित पंचायतोें में देवा ब्लॉक की महमूदाबाद, भिटौली खुर्द, जबरी खुर्द व मसौली ब्लॉक की नियामतपुर शामिल हैं। वर्तमान में इन ग्राम पंचायतों के टीबी मुक्त होने की प्रक्रिया का सत्यापन कार्य चल रहा है। इसके अलावा टीबी रोगियों को खोजने अभियान भी एआई तकनीकि से चल रहा है। नगरीय निकायों व ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर टीबी के रोगियों का एक्सरे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीकि से जुड़ी मशीन से एक्सरे किया जाता है। नगर पालिका में भी दो दिन पहले इसी तरह का शिविर लगा था। जिसमें 88 में 10 लोग इलाज के लिए चिन्हित किए गए थे। इस अभियान की एक खास बात यह है कि एक्स-रे के लिए उपयोग की जा रही मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल से जुड़ी हुई है। यह तकनीक एक्स-रे की रिपोर्ट को तुरंत मोबाइल पर उपलब्ध करा देती है। एआई यह भी बता देता है कि संबंधित व्यक्ति संक्रमित है या नहीं, जिससे टीबी के मरीजों की पहचान और भी तेज और सटीक हो जाती है।
शासन द्वारा नामित डॉ. मुईज अहमद ने जिला कार्यक्रम अधिकारी शिप्रा सिंह के साथ मिलकर गोल्ड मेडल के लिए चयनित देवा ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों का गहन सत्यापन किया है। कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पुरस्कार के लिए चयनित ग्राम पंचायतों का सत्यापन हो चुका है।