राष्ट्रीय फसल बीमा योजना का किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों का फसल बीमा योजना से विश्वास उठता जा रहा है। अब तक 36 हजार किसानों से फसल बीमा के नाम पर करीब 3.73 करोड़ रुपये प्रीमियम वसूला गया मगर लाभ देने के नाम पर उन्हें दौड़ाया जाता है। हालांकि पिछले साल तत्कालीन डीएम की सख्ती के बाद 24 हजार किसानों को इसका लाभ दिया गया। मगर अब भी करीब 12 हजार किसान फसल बीमा का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं।
जिले में करीब चार लाख किसान हैं। इनकी प्रमुख खेती धान, गेहूं, मेंथा और आलू है। इसके अलावा सरसों की बोआई भी किसान करते हैं। कृषि विभाग की मानें तो राष्ट्रीय फसल बीमा योजना के तहत किसानों की फसल का बीमा किया जाता है। ऐसे में यदि किसानों की फसल को क्षति पहुंचती है तो बीमा योजना के तहत उसे लाभ दिलाने का प्रावधान है। इसके बावजूद जिले के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अभी भी 12 हजार से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ पाने के लिए बैंक और विभाग के चक्कर काट रहे हैं मगर उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। इससे किसानों का इस योजना से विश्वास उठता जा रहा है। इस बार भी धान की फसल पर 36 हजार किसानों से प्रीमियम के तौर पर करीब तीन करोड़ 73 लाख रुपये प्रीमियम केसीसी व अन्य मदों से काटा गया। मगर लाभ सिर्फ 24 हजार किसानों को ही मिला।