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डीसी मनरेेगा पर कमीशन मांगने का आरोप

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नाराज पंचायत प्रतिनिधियों ने जाम किया हाईवे
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- डीसी मनरेेगा के विरोध में धरने पर बैठे प्रधान व बीडीसी सदस्य
- कार्ययोजना की मंजूरी के लिए कमीशन मांगने का आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। प्रस्तावित कार्ययोजना की मंजूरी के लिए मनरेगा उपायुक्त अरुण कुमार सिंह द्वारा खुलेआम तीन प्रतिशत कमीशन मांगने को लेकर सोमवार को ब्लॉक प्रमुख मसौली की अगुवाई में क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया। इसके बाद हाईवे भी जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को डीएम के नाम संबोधित ज्ञापन देकर 15 दिन में समस्याओं के निस्तारण की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख यासिर अराफात किदवई ने कहा कि, मनरेगा उपायुक्त अरुण कुमार सिंह को 19 सितंबर को क्षेत्र पंचायत की प्रस्तावित कार्ययोजना आगणन के लिए ब्लॉक कार्यालय से दी गई थी। मगर मनरेगा उपायुक्त ने कार्ययोजना में कमियों को बताकर वापस कर दिया। ब्लॉक प्रमुख ने डीसी मनरेगा अरुण कुुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि, उनके द्वारा खुलेआम तीन प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है। कमीशन नहीं देने पर कार्ययोजना की मंजूरी देने से इंकार कर देते हैं। इससे नाराज जनप्रतिनिधियों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में धरना दिया। मगर जब कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो आंदोलित पंचायत प्रतिनिधि लखनऊ-फैजाबाद हाईवे पर बैठ गए। हाईवे जाम की सूचना पाते ही मौके पर पहुंचे अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय लव कुमार को ब्लॉक प्रमुख ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में मांग पूरी नहीं हुई तो ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
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झूठा है आरोप
इस बारे में मनरेगा उपायुक्त अरुण कुमार का कहना है कि, ब्लॉक प्रमुख ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों से काम कराने के प्रस्ताव दे रखे हैं। जो नियम संगत नहीं हैं, इस वजह से स्वीकृत नहीं किए जा सकते हैं। प्रस्ताव जिलाधिकारी को करना है। ऐसे में अब ये लोग कमीशनखोरी का झूठा आरोप लगा रहे हैं।
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