दोषी कर्मचारियों पर नहीं की गई कार्रवाई
बाराबंकी। रेवड़ी की तरह अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने वाले दोषी कर्मचारियों को जिला प्रशासन बचाने में लगा है। बीडीओ से लेकर विभागीय मंत्री तक इसकी शिकायत किए जाने के बाद हुई जांच में दर्जनों अपात्र निकल कर सामने आए हैं। प्रशासन ने सिर्फ उन अपात्रों को सूची से हटाकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन अपात्रों को आवास देने वाले दोषी कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जल्द ही दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
केंद्र सरकार ने गरीबों को आवास देने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की शुरुआत की थी। इसका लाभ उन गरीब परिवारों को दिया जाना था, जिनके नाम सूची में थे। लेकिन कर्मचारियों की मिलीभगत से इन आवासों का लाभ उन लोगों को दे दिया गया, जो इसके पात्र नहीं थे। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद ग्राम्य विकास मंत्री ने भी इसकी जांच कराने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की ओर से 50 अधिकारियों से 102 गांवों की रेंडम जांच कराई गई, जिसमें से 12 अधिकारियों की आई जांच रिपोर्ट में 33 अपात्रों को आवास दिए जाने की पुष्टि हुई थी। इस पुष्टि के बाद भले ही उन अपात्रों के नाम सूची से हटा दिए गए हों, लेकिन दोषी कर्मचारियों पर प्रशासन ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। इस बारे में ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि अभी पूरी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम के निर्देश पर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।