जिले में दस हजार करोड़ रुपये से 242 किमी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। गुरुवार को इसका डिजिटली शिलान्यास केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और परिवहन एवं भूतल मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया। वहीं जीआईसी स्थित ऑडिटोरियम में सांसद और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन कर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
सांसद प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि बाराबंकी-रामनगर मार्ग एक वक्त चलने लायक नहीं था, गड्डे में सड़क है या सड़क में गड्डा, इसका कुछ पता भी नहीं चलता था। लेकिन सत्ता में आई भाजपा सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और आज इस मार्ग की सूरत ही बदल गई है।
अब परिवहन एवं भूतल मंत्री ने मेरे अनुरोध पर इसके चौड़ीकरण के लिए 273 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इसी प्रकार बाराबंकी से देवा, फतेहपुर बेलहरा होते हुए लखीमपुर तक 140 किमी लंबे इस मार्ग के निर्माण पर करीब आठ सौ करोड़ रुपया खर्च होगा।
ये निर्माण कार्य बहुत ही जल्द शुरू हो जाएंगे। कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ आउटर रिंग रोड का निर्माण कराकर जिले की जनता को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
इससे साफ हो रहा है कि भाजपा सरकार में विकास प्राथमिकता पर हैं। इस दौरान करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों का शिलान्यास किया गया।
जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने बताया कि जिले में गुरुवार को कई सड़कों का शिलान्यास किया गया। दस हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इन सड़कों का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा।
इस मौके पर जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी, प्रशांत मिश्रा, राजेश वर्मा, दिनेश वैश्य, अपुल वर्मा, विपिन कुमार, अधिशासी अभियंता एनके वर्मा, एएस कन्नौजिया, अजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आशीष पाठक ने किया।
लोकसभा चुनाव को देखते हुए परियोजनाओं और सड़कों के लोकार्पण और शिलान्यास का कार्यक्रम तेज हो गया है। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में बनने वाली सड़कों और परियोजनाओं का लोकार्पण कर रहे हैं।
इससे पहले भी सात हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का डिजिटली शिलान्यास लखनऊ से एक कार्यक्रम के माध्यम से किया जा चुका है। वहीं हाल में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रामसनेहीघाट में करोड़ों की परियोजनाओं का शिलान्यास कर चुके हैं।
जीआईसी मैदान में जिस समय सड़कों के शिलान्यास का कार्यक्रम चल रहा था, उस दौरान मंच पर सत्ताधारी दल का एक भी विधायक मौजूद नहीं था। कार्यक्रम में किसी भी विधायक का मौजूद न रहना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ था। लोग कह रहे थे कि सत्ताधारी दल में भी गुटबाजी चरम पर है जो तमाम प्रयासों के बाद भी कार्यक्रमों में अक्सर दिख जाती है।