हैदरगढ़ (बाराबंकी)। ओहरामऊ नहर की पटरी से कटने से 100 बीघा से अधिक गेहूं व सरसों की फसल डूब गई। तीन दिन पहले ही अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर इस नहर में सिल्ट सफाई के नाम पर धांधली को उजागर किया था।
किर्षिया माइनर से अड़ेरीपुरवा जाने वाली ओहरामऊ माइनर जर्जर पटरी के ऊपर से बह रही है। गुरुवार की रात कई जगह पटरी कटने से नहर का पानी खेतों में भरने लगा।
ओहरामऊ गांव के राममिलन यादव, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, रामप्रकाश पांडेय, भगौती रावत, गुड्डू सिंह, रामतीर्थ यादव, लालबहादुर, मताफेर सिंह, विजय कुमार, राजू यादव, चंद्रेश, राजललन समेत कई किसानों की 100 बीघा फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गई। सुबह किसानों से स्वयं झाड़ियों व फावड़े से मिट्टी खोदकर पटरी को दुरुस्त कर पानी का बहाव रोका। किसानों ने बताया कि कई दिन से नहर उफनाकर बह रही है। सफाई के नाम पर धांधली के चलते नहर सिल्ट पटी होने व पटरी जर्जर होने से पानी ऊपर से बह रहा है।
विभाग के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। किसानों ने आईजीआरएस पर शिकायत कर जांच व नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है। एक्सईएन शारदा सहायक खंड नवनीत कुमार ने बताया कि गुरुवार से नहर में पानी बंद हो गया है। किसानों की शिकायत पर जांच कराई जा रही है।