बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राकेश ने रिश्तेदारी में रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रही पीड़िता के साथ दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष की कठोर कैद व 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सफदरगंज क्षेत्र के एक वादी की पुत्री घटना से तीन वर्ष पूर्व एक महाविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई कर रही थी। शहर में रुकने की व्यवस्था न होने से वादी के बहनोई मुनेश्वर विहार कॉलोनी निवासी दिग्विजय वर्मा उर्फ गुल्लू के यहां रह रही थी। इसी दौरान दिग्विजय वर्मा की पीड़िता पर नियत खराब हो गई और उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के विरोध करने पर अभियुक्त उसका वीडियो क्लिप बना कर वायरल करने की धमकी देने लगा। इसी बीच पीड़िता को चार माह का गर्भ ठहर गया।
19 मार्च 2017 को अभियुक्त पीड़िता को जबरदस्ती एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गया और गर्भपात के लिए भर्ती कराकर भाग गया। घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त दिग्विजय वर्मा उर्फ गुल्लु को दोषी करार मानते हुए सजा सुनाई।