देवा (बाराबंकी)। अमेरिका में तैनात भारतीय मूल की महिला वैज्ञानिक व उनके ससुर से जमीन बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करके करीब 16 लाख रुपये ठग लिए गए। अमेरिका से लौटी महिला वैज्ञानिक की तहरीर पर देवा कोतवाली में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।लखनऊ के जानकीपुरम निवासी डॉ. आलोक वर्मा व पत्नी डॉ. आकांक्षा अमेरिका में एक अस्पताल की प्रयोगशाला में वैज्ञानिक हैं। डॉ. आलोक वर्मा लिवर कैंसर पर शोध कर रहे हैं। उन्हें अमेेरिका का ग्रीन कार्ड भी मिला है। तीन दिन पहले अमेरिका से आई डॉ. आकांक्षा ने देवा कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जानकीपुरम निवासी इंद्र बहादुर ससुर रामचंद्र वर्मा के परिचित हैं। इंद्र बहादुर ने ससुुर से देवा कोतवाली क्षेत्र के सैहारा गांव में एक प्लॉट खरीदने को कहा था। इस पर ससुर ने बीते एक मई 2019 को अलीगंज के गुलाचीन मंदिर के पास रहने वाले सिराज अहमद से करीब तीन हजार वर्ग फीट जमीन का बैनामा कराया था। यह जमीन डॉ. आकांक्षा के नाम लिखी गई थी। जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए भी इंद्र बहादुर को 20 हजार रुपए दिए गए थे। लेकिन दो साल बीतने के बाद भी दाखिल खारिज नहीं हुआ और ना ही प्लॉट पर कब्जा दिया गया। इस संबंध में जब इंद्र बहादुर से संपर्क का प्रयास किया गया तो टालमटोल शुरू हो गई। वैज्ञानिक के परिजनों ने तहसील नवाबगंज पहुंचकर जब पड़ताल कराई तो पता चला कि जमीन से अधिक क्षेत्रफल की रजिस्ट्री की गई है। अन्य लोगों के नाम भी बैनामा किया गया है। इस तहरीर पर बुधवार देर शाम देवा कोतवाली में इंद्र बहादुर और सिराज अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी कूट रचना और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डॉ. आकांक्षा के पिता मेरठ निवासी महेश चंद्र ने बताया कि प्लॉट के नाम पर 16 लाख रुपये दिए गए थे। वहीं, एसएचओ देवा पंकज कुमार सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश चल रही है।