सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। बीत चार अप्रैल को संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में आयोजित मॉकड्रिल में पहुंचे प्रमुख सचिव को कई खामियां मिलीं थीं। उन्होंने सुधार के लिए दस दिन का समय दिया था और आपरेशन शुरू करने के निर्देश भी। मगर 15 दिन बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं, आपरेशन तो दूर ऑपरेशन के कपड़े, ग्लव्स आदि तक की व्यवस्था तक नहीं हो सकी। क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में सौ-शैय्या का अस्पताल बनाया गया। लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बीते 11 अप्रैल को यहां आए प्रमुख सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा को कई खामियां अस्पताल में मिली थी। सुधार किए जाने के लिए दस दिन का समय उन्होंने दिया था। इसके बाद ऑपरेशन थिएटर बनकर तैयार हो गया। आंखों के ऑपरेशन के लिए आनन-फानन में फेको मशीन के लिए शासन को पत्र भी लिखा गया। सर्जरी के लिए डॉ. एनके गुप्ता की तैनाती की गई। सिजेरियन कक्ष भी बनकर तैयार हो गया। लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी वेंटीलेटर इंस्टॉल नहीं किया जा सका। हालांकि ओपीडी चल रही है। बुधवार को तीन सौ मरीजों की ओपीडी हुई और 65 जांचे हुई। मगर मरीजों की भर्ती भी अभी नहीं शुरू हो सकी है। सीएमएस डॉ नीलम गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में जो कमियां हैं उन्हें जल्द ही दूर किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।