बांदा जिले में 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में युवक को अदालत ने 14 साल की जेल की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। पाक्सो सहित अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना किया गया। सभी सजाएं साथ चलेंगी। कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 फरवरी 2020 की सुबह करीब छह बजे उसकी 16 वर्षीय बेटी कमरे में सो रही थी।
गहबरा गांव का रामचंद्र और उसका बहनोई घर में घुस आए। रामचंद्र ने बेटी से दुष्कर्म किया। उसका बहनोई बाहर खड़ा रहा। बेटी के शोर मचाने पर वह पहुंचा तो दोनों भाग गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामचंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए।
शनिवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अनु सक्सेना ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनी और रामचंद्र को दोषी पाया। दुष्कर्म में 14 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना किया। पाक्सो एक्ट में 12 वर्ष की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माना किया गया।
जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त जेल होगी। धारा 452 में छह साल की जेल और पांच हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक माह अतिरिक्त जेल काटनी होगी। फैसले के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया। आरोपी जमानत पर था। विशेष लोक अभियोजक रामसुफल सिंह गौर, कमल सिंह गौतम, वीरेंद्र द्विवेदी ने पैरवी की।