बांदा। मानसिक रोगी ने घर के अंदर कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। चचेरे भाई ने देखा तो परिजनों को जानकारी हुई। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के देवरथा गांव निवासी धीरेंद्र (29) कई साल से मानसिक रोग से ग्रसित था। उसका इलाज चल रहा था।
बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब उसने अपने घर में चारपाई की रस्सी से कमरे में बनी ताड़ के छल्ले के फंदा लगाकर जान दे दी। कुछ देर बाद उसका चचेरा भाई अमर वहां पहुंचा तो वह फंदे से लटका मिला।
बड़े भाई पप्पू की 10 साल पहले कानपुर रेलवे स्टेशन में चलती ट्रेन से फिसल जाने से कटकर मौत हो गई थी।