फोटो 26 बीएनडीपी 14- मृतक किसान धर्मेंद्र सिंह। फाइल फोटो। संवाद
फोटो 26 बीएनडीपी 15- जिला अस्पताल में पंचनामा की कार्रवाई के दौरान जानकारी देते किसान के परिजन। संवाद
कर्ज और फसल नष्ट होने से चिंतित किसान ने जान दी
चिल्ला थाना क्षेत्र के पलरा गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा/खप्टिहा कलां। कर्ज और फसल बर्बाद होने से चिंतित किसान ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
चिल्ला थाना क्षेत्र के पलरा गांव निवासी किसान धर्मेंद्र सिंह उर्फ रंजन सिंह (40) ने शनिवार की शाम घर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों को जानकारी हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान उसकी रात में मौत हो गई।
बड़े भाई बृजेश सिंह ने बताया कि वह तीन भाइयों में मझला था। पीआरडी की ड्यूटी भी कर चुका है। चार साल पहले इलाहाबाद बैंक, चिल्ला से किसान क्रेडिट कार्ड से साढ़े तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। इस साल खेत में चना, मटर और गेहूं की फसल बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो गई थी। इससे वह चिंतित था। इसी के चलते उसने जहर खाकर आत्महत्या की है।
पत्नी रामदेवी की 20 वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो चुकी है। किसान के 16 बीघा जमीन है। उसके एक पुत्र पुष्पेंद्र सिंह है। पुष्पेंद्र की तीन माह पहले दो दिसंबर 2022 को उमरेहनी गांव में कोमल सिंह से शादी हुई है।
थानाध्यक्ष चिल्ला प्रभुनाथ सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। किसान शराब के नशे का आदी था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। घटना की जांच की जा रही है। मामला घरेलू विवाद का भी बताया जा रहा है।