अतर्रा की रहने वाली एक महिला की बेटे को जन्म देने के 11 दिन बाद मौत हो गई। उसे तेज बुखार था और तबीयत ठीक नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डायरिया के लक्षण भी थे, जिसकी वजह से उसकी तबीयत में सुधार नहीं हो पा रहा था और उसने उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के आऊ गांव निवासी रिंकी देवी (30) पत्नी छोटेलाल को उसके परिजनों ने सोमवार की सुबह तेज बुखार के चलते भर्ती कराया था। बताया जाता है कि बाद में उसमें डायरिया के भी लक्षण मिले और उसकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। उपचार के दौरान ही महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि 11 दिन पूर्व रिंकी को गांव में ही बेटा पैदा हुआ था। तब से वह खांसी जुकाम और बुखार से ग्रसित चल रही थी। कई दिन गांव में ही उसका इलाज कराया गया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर दो दिन पहले बांदा के एक अस्पताल में भी भर्ती कराया। यहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और फिर जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डायरिया की शिकायत भी बताई गई और उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
एक दर्जन मरीज भर्ती, ओपीडी 300 के करीब
बांदा। संक्रामक रोगों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में एक दर्जन के करीब मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि तीन सौ के करीब ओपीडी पहुंची। इसमें ज्यादातर मामले बुखार और उल्टी दस्त के थे। इनमें बच्चों की भी काफी संख्या है।
जिला अस्पताल में सोमवार को 287 मरीज ओपीडी में पहुंची, इनमें नौ की डेंगू जांच कराई गई। वहीं खाईपार निवासी शांति देवी (56), आवास विकास निवासी चार साल के कार्तिक, मर्दन नाका की गुड़िया (55), बिजली खेड़ा निवासी काजल (16), जरोहरा निवासी पूजा (12), खुरहंड निवासी सात साल का ऋतिक, कताई मिल निवासी बालक दास (38), महोखर निवासी प्रीति (18) आदि मरीजों को बुखार व डायरिया में भर्ती किया गया है।