बांदा। साल भर से मायके में रह रही महिला ने घर के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के करतल गांव निवासी गोमती (28) एक साल से अपने मायके हजारी पुरवा में रह रही थी। रविवार की शाम गोमती ने घर के कमरे में साड़ी से फंदा लगा लिया। घटना के समय मां सुखरानी खेत गई थी। पिता राममिलन रिश्तेदारी में निमंत्रण में गया था। खेत से मां के लौटने पर परिजनों को जानकारी हो सकी। गोमती के ताऊ कामता प्रसाद ने बताया कि गोमती की शादी 10 साल पहले करतल के राधेश्याम के साथ हुई थी। वह शराब का लती है। वह गोमती से मारपीट भी करता है। इन्हीं हरकतों की वजह से वह एक साल से अपने मायके में पिता के पास रह रही थी। तनाव में उसने फंदा लगाकर जान दी है। नरैनी कोतवाल सुरेश कुमार ने बताया कि परिजन कोई ठोस वजह नहीं बता सके हैं।
-
छात्रा ने जान दी
देहात कोतवाली क्षेत्र के लुकतरा गांव की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। किशोरी ने घर की अटारी में रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजन वजह नहीं बता पा रहे हैं।
देहात कोतवाली क्षेत्र के लुकतरा गांव निवासी प्रियंका (16) गांव के स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा थी। रविवार की देर शाम उसने घर की अटारी में छप्पर की धन्नी से रस्सी का फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के कुछ देर बाद भाई अजीत ने देखा तो वह फंदे से लटकी थी। पिता दउवा ने बताया कि एक पुत्र दो पुत्रियों में छाेटी थी। दो दिन से तबीयत ठीक न होने की वजह से खाना भी नहीं खा रही थी। किस वजह से उसने फंदा लगाकर जान दी उसे नहीं मालूम। देहात कोतवाली इंस्पेक्टर सुखराम ने बताया कि कारण अज्ञात है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।