बांदा। पुत्र के डांटने से क्षुब्ध होकर 82 वर्षीय किसान ने जहर खाकर जान दे दी। दिल्ली से आए सबसे छोटे पुत्र की सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव निवासी नर्वदा प्रसाद द्विवेदी (82) सोमवार शाम बांदा से बाजार कर गांव लौटे। गांव में उनके बड़े पुत्र रामेश्वर त्रिवेदी ने अस्वस्थ होने के बावजूद बांदा जाने पर डांट दिया। इससे क्षुब्ध होकर उन्होंने जहर खा लिया। उनकी हालत बिगड़ने से घर में ही मौत हो गई।
दिल्ली से आए सबसे छोटे पुत्र अनीस त्रिवेदी ने बताया कि वह पांच भाई हैं। तीन भाई गांव में रहते हैं। दो भाई दिल्ली में रहकर कमाते हैं। पिता के पास 40 बीघा जमीन है। जमीन का बंटवारा सभी पुत्रों में कर दिया है। कुछ दिन से पिता अस्वस्थ चल रहे थे। उनकी दवा चल रही थी।
सोमवार को वह मां शांती देवी से बताकर बांदा चले गए। यहां से जरूरत का सामान आदि खरीद कर घर पहुंचे तो उनके भाई ने उन्हें इस अवस्था में बांदा जाने पर डांट दिया। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने कोई जहर खाकर जान दे दी।