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Banda News: लगी सवालों की झड़ी तो छूटने लगे पसीने

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बांदा। मुख्तार की मौत के बाद चल रही जांच कई अधिकारियों के गले की फांस बन गई है। मामले की जांच के लिए गठित एक-दो नहीं बल्कि तीन कमेटियों के सवालों ने डॉक्टरों और जेल प्रशासन के पसीने छुड़ा रखे हैं। इसके बाद भी सवालों की झड़ी है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को न्याायिक व मजिस्ट्रेटी जांच टीम ने तीसरी बार मंडल कारागार का रुख किया। करीब चार घंटों तक टीम कारागार में रही। इस दौरान न सिर्फ महत्वपूर्ण साक्ष्य ही जुटाए गए बल्कि वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के अलावा हाल ही में मुख्तार की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर निलंबित जेलर योगेश कुमार, डिप्टी जेलर अरविंद कुमार व राजेश कुमार के सामने सवालों का पहाड़ खड़ा किया तो सभी पसीने पोछतें नजर आए। जेल के भीतर कितने सवाल हुए और उनके क्या जवाब दिए है। प्रस्तुत है जेल सूत्रानुसार एक रिपोर्ट-
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सवाल - 26 की रात मुख्तार को बैरक के बजाए जेल के अस्पताल में क्यो नहीं भेजा गया।

जवाब- मेडिकल कॉलेज से ऐसी कोई सलाह नहीं दी गई थी, तबीयत में भी सुधार था।


सवाल- जेल के डॉक्टरों ने मुख्तार की क्या जांच की।
जवाब- अक्सर ब्लड प्रेशर और शुगर की जाती रही है। एक बार मोतियाबिंदु भी चेक कराया गया।

सवाल - जेल में खाने का रोज सैंपल लिया जाता हैं या नहीं।

उत्तर- सैंपल नहीं लिया जाता है। खाना खाकर खाकर उसे जांचा जाता है।


सवाल - 27 मार्च को मुख्तार को मेडिकल काॅलेज क्यो नहीं भेजा गया।

जवाब - सर तबीयत में सुधार होने के कारण नहीं भेजा गया था।


सवाल- खाने में धीमा जहर देने का आरोप है।

जवाब- आरोप बेबुनियाद हैं, ऐसा होता तो कोईबंदी भी बीमार पड़ सकता था।


सवाल- मुख्तार का खाना तैयार करने वाले रसोइए से कभी जहर के बारे में पूछताछ हुई।

जवाब- इसकी कभी जरूरत नहीं महसूस की गई, क्योकि ऐसा कुछ था ही नहीं।
सवाल- जहर के आरोप के बाद जेल अधिकारियों को क्यो निलंबित किया गया।
जवाब- जांच के दौरान कुछ लोग लापरवाही करते पाए थे, इस पर कार्रवाई हुई थी।
सवाल- इससे पहले कोई रसोईया अथवा कोई कर्मचारी भी बीमार पड़ा है। (अफजाल के आरोप के आधार पर)
जवाब- मामूली रूप से कोई हो तो बताया नहीं जा सकता, अभी तक कोई गंभीर नहीं हुआ।
सवाल- जेल में बाहर से दूध, सब्जी, आटा, चावल कहां से आता है, गुणवत्ता की कोई जांच होती है।
जवाब- इसके लिए बनी कमेटी अपना पूरा काम ठीक से कर रही है।
सवाल- जेल में बंदियों के लिए स्वच्छ पेयजल का क्या इंतजाम है।
जवाब- बोरिंग के अलावा वाटर कूलर और बैरक में मटके भी साफ कराकर रखे जाते हैं।
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