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बांदाः पुलिस आने पर गंभीर बहनों को ले जा सके अस्पताल

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बांदा- मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में भर्ती सपना। - फोटो : BANDA
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बांदा। जहर खाने के बाद प्रियंका और सपना की हालत बिगड़ गई। पिता मलखान को यह बात पता चली तो उसने अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। इस पर मां रेखा देखी ने फोन करके घूरी, बिसंडा गांव निवासी भाई सुरेंद्र सिंह को घटना की जानकारी दी। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह करीब आधे घंटे में किराये पर बोलेरो लेकर बहन के घर पहुंच गए। दोनों भांजियों को अस्पताल ले जाने के लिए बोलेरो में लादने लगे, तभी मलखान ने हंगामा शुरू कर दिया। अपराधी किस्म का होने के कारण वे सभी डर गए। इस पर पुलिस को फोन कर बुलाना पड़ा। कुछ देर बाद सिमौनी चौकी पुलिस के आने पर प्रियंका और सपना को मेडिकल कालेज पहुंचाया गया।
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भाई की हत्या के बाद अंजाम दिया दोहरा हत्याकांड
कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने बताया कि वर्ष 2006 में सिमौनी व पड़री गांव के बीच मलखान सिंह और उसके भाई सुरेश व राजेश सिंह ने मिलकर गांव के सचिव व उसके भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्हें आशंका थी कि लगभग 17 साल पूर्व सचिव ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके भाई मुन्ना सिंह की हत्या की थी। इसी रंजिश के चलते उन्होंने दोहरा हत्याकांड को अंजाम दिया था। इस केस में तीनों को उम्र कैद की सजा हुई। वर्ष 2014 में इन्हें नैनी जेल भेज दिया गया। छह माह पूर्व मलखान सहित सुरेश व राजेश पैरोल पर छूटकर आए हैं।
फोन तोड़कर आग के हवाले कर दिया
सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 17 सितंबर की रात मलखान शराब के नशे में घर पहुंचा और हंगामा शुरू कर दिया। पत्नी रेखा देवी को पीटने लगा। बचाने पहुंचीं बेटी प्रियंका व सपना को भी पीटा। तमंचा लगाकर फोन छीन लिया और उसे तोड़कर जला दिया। तभी से पत्नी और पुत्रियों के साथ उसकी अनबन चल रही थी।
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खाना नहीं बनाने दिया, भूखी रहीं मां-बेटियां
परिजनों के मुताबिक, प्रियंका के फोन पर बात करने पर पिता मलखान और चाचा सुरेश व राजेश सिंह नाराज थे। इसी बात को लेकर कई दिनों से मलखान शराब के नशे में मां रेखा और पुत्री प्रियंका व सपना के साथ मारपीट कर रहा था। घटना के तीन दिन पूर्व रेखा को खाना नहीं बनाने दिया और रसोई में भी ताला लगा दिया। तीनों दो दिन तक भूखी रहीं। मलखान अपने भाई के घर जाकर खाना खा लेता था।
मामा के घर रहकर की पढ़ाई
आरोपी मलखान सिंह की चार पुत्रियां हैं। सबसे बड़ी प्रियंका, दूसरे नंबर की सपना और इसके बाद मीनाक्षी व तनु हैं। चारों अपने मामा के घर घूरी गांव में रहकर पढ़ाई करती थीं। मामा सुरेंद्र के ने बताया कि प्रियंका और सपना ने स्नातक कर लिया था। पिता के जेल से छूटकर घर आने के बाद प्रियंका और सपना दोनों मिलने के लिए पड़री गांव चली गई थीं। उसके बाद नहीं लौटीं। मीनाक्षी व तनु घूरी गांव में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
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